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CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को फिर समन, Jantar Mantar केस में जांच तेज

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CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से रिहा हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता था कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें पूछताछ के लिए बुला लिया। बुधवार शाम, 21 अक्टूबर को जेल से बाहर आए दोनों नेताओं को गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया। इस मामले में पार्टी के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे का नाम भी सामने आया है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच अब क्राइम ब्रांच कर रही है। ऐसे में दोनों नेताओं की रिहाई के तुरंत बाद आया समन इस पूरे घटनाक्रम का नया मोड़ माना जा रहा है।

रिहाई के अगले दिन Police का Summon

सौरव दास और आशुतोष रांका को करीब सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर की शाम रिहा किया गया था। रिहाई के लिए दोनों को निजी मुचलके और जमानतदारों से जुड़े बॉन्ड की शर्तें पूरी करनी पड़ीं।

रिहाई के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे पहुंचने के लिए कहा गया था।

पुलिस जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामलों में घटनाक्रम और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, समन जारी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं।

Jantar Mantar Protest से कैसे शुरू हुआ विवाद?

CJP नेताओं ने 13 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। पार्टी की मांग थी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठे सवालों पर जवाब दिया जाए।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित प्रदर्शन क्षेत्र से बाहर जाने वाले प्रतिबंधित हिस्से में प्रवेश करने की कोशिश की और बैरिकेड पार किए।

इस घटनाक्रम के बाद सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य CJP सदस्यों को हिरासत में लिया गया। बाद में दोनों प्रमुख नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

CJP की ओर से इस प्रदर्शन को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने की कोशिश के रूप में पेश किया गया। वहीं, पुलिस ने कानून-व्यवस्था और निर्धारित प्रतिबंधों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं पर कार्रवाई की। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

दो FIR की जांच कर रही है Crime Branch

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। ये मामले कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़े बताए गए हैं।

जांच में कथित तौर पर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, सरकारी आदेशों की अवहेलना और पुलिस के काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं।

क्राइम ब्रांच अब इन घटनाओं से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों के बयान की जांच कर रही है। सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की खबर इसी जांच से जुड़ी है।

सात दिन बाद कैसे मिली जेल से रिहाई?

दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई। इसके बाद रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।

21 अक्टूबर को दोनों नेताओं की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया गया था। बाद में उनकी याचिका वापस लिए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बॉन्ड और लिखित आश्वासन से जुड़ी शर्तें पूरी होने पर उनकी रिहाई का आदेश दिया।

रिहाई के दौरान दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदारों से जुड़े बॉन्ड की शर्तें पूरी करनी पड़ीं। उन्होंने शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन करने का आश्वासन भी दिया।

उन्हें जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित किए जाने तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करने की शर्त से भी जोड़ा गया। रिहाई का अर्थ यह नहीं है कि प्रदर्शन से जुड़े सभी मामले समाप्त हो गए हैं।

Abhijeet Dipke का बयान भी चर्चा में

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों नेताओं की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि दोनों उनसे बड़े नेता हैं और वह उनका अनुसरण करते हैं।

दीपके के इस बयान को पार्टी के भीतर दोनों नेताओं के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। जेल से रिहाई के बाद अब क्राइम ब्रांच का समन मिलने से दोनों नेताओं से जुड़ा मामला फिर चर्चा में आ गया है।

अब आगे क्या होगा?

22 अक्टूबर को पूछताछ के लिए जारी समन के बाद अब नजर क्राइम ब्रांच की जांच पर है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम और दर्ज मामलों से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की कोशिश करेगी।

आगे की कार्रवाई पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी और जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, मामले में किसी भी आरोप को अंतिम रूप से साबित हुआ नहीं माना जा सकता।

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छत्तीसगढ़ में परीक्षा में नकल और गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई के लिए 3 स्पेशल कोर्ट गठित

छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल व गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए तीन स्पेशल कोर्ट बनाई गई हैं। राज्य शासन ने रायपुर, बिलासपुर और कोरिया के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट को विशेष अदालत के रूप में नामित किया है। कोरिया जिले की स्पेशल कोर्ट बैकुंठपुर में होगी। इस संबंध में कानून एवं विधायी कार्य विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इन अदालतों में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान नकल और अनुचित तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। 2024 के कानून के तहत गठित हुईं विशेष अदालतें राज्य में यह व्यवस्था पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत की गई है। अधिसूचना में कानून की धारा 12-क की उपधारा (2) का उल्लेख किया गया है। इसी प्रावधान के तहत राज्य शासन ने तीन जिलों के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट को स्पेशल कोर्ट के रूप में नामित किया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से परामर्श के बाद जारी हुई अधिसूचना छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्र से परामर्श के बाद राज्य शासन ने यह अधिसूचना जारी की है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने संबंधित जिलों के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जजों को अधिसूचना की प्रतियां भेजकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। तीनों विशेष अदालतें अपने-अपने न्यायिक क्षेत्राधिकार में आने वाले परीक्षा संबंधी गड़बड़ी के मामलों की सुनवाई करेंगी। इस व्यवस्था के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल या अनुचित तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सुना जाएगा।
CJP

CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को फिर समन, Jantar Mantar केस में जांच तेज

CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से रिहा हुए अभी एक दिन भी नहीं बीता था कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें पूछताछ के लिए बुला लिया। बुधवार शाम, 21 अक्टूबर को जेल से बाहर आए दोनों नेताओं को गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया। इस मामले में पार्टी के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे का नाम भी सामने आया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच अब क्राइम ब्रांच कर रही है। ऐसे में दोनों नेताओं की रिहाई के तुरंत बाद आया समन इस पूरे घटनाक्रम का नया मोड़ माना जा रहा है। रिहाई के अगले दिन Police का Summon सौरव दास और आशुतोष रांका को करीब सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर की शाम रिहा किया गया था। रिहाई के लिए दोनों को निजी मुचलके और जमानतदारों से जुड़े बॉन्ड की शर्तें पूरी करनी पड़ीं। रिहाई के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे पहुंचने के लिए कहा गया था। पुलिस जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामलों में घटनाक्रम और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, समन जारी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। Jantar Mantar Protest से कैसे शुरू हुआ विवाद? CJP नेताओं ने 13 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। पार्टी की मांग थी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठे सवालों पर जवाब दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित प्रदर्शन क्षेत्र से बाहर जाने वाले प्रतिबंधित हिस्से में प्रवेश करने की कोशिश की और बैरिकेड पार किए। इस घटनाक्रम के बाद सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य CJP सदस्यों को हिरासत में लिया गया। बाद में दोनों प्रमुख नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। CJP की ओर से इस प्रदर्शन को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने की कोशिश के रूप में पेश किया गया। वहीं, पुलिस ने कानून-व्यवस्था और निर्धारित प्रतिबंधों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं पर कार्रवाई की। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी। दो FIR की जांच कर रही है Crime Branch जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। ये मामले कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़े बताए गए हैं। जांच में कथित तौर पर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, सरकारी आदेशों की अवहेलना और पुलिस के काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं। क्राइम ब्रांच अब इन घटनाओं से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों के बयान की जांच कर रही है। सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की खबर इसी जांच से जुड़ी है। सात दिन बाद कैसे मिली जेल से रिहाई? दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई। इसके बाद रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी। 21 अक्टूबर को दोनों नेताओं की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया गया था। बाद में उनकी याचिका वापस लिए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बॉन्ड और लिखित आश्वासन से जुड़ी शर्तें पूरी होने पर उनकी रिहाई का आदेश दिया। रिहाई के दौरान दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदारों से जुड़े बॉन्ड की शर्तें पूरी करनी पड़ीं। उन्होंने शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन करने का आश्वासन भी दिया। उन्हें जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित किए जाने तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करने की शर्त से भी जोड़ा गया। रिहाई का अर्थ यह नहीं है कि प्रदर्शन से जुड़े सभी मामले समाप्त हो गए हैं। Abhijeet Dipke का बयान भी चर्चा में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों नेताओं की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि दोनों उनसे बड़े नेता हैं और वह उनका अनुसरण करते हैं। दीपके के इस बयान को पार्टी के भीतर दोनों नेताओं के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। जेल से रिहाई के बाद अब क्राइम ब्रांच का समन मिलने से दोनों नेताओं से जुड़ा मामला फिर चर्चा में आ गया है। अब आगे क्या होगा? 22 अक्टूबर को पूछताछ के लिए जारी समन के बाद अब नजर क्राइम ब्रांच की जांच पर है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम और दर्ज मामलों से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की कोशिश करेगी। आगे की कार्रवाई पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी और जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, मामले में किसी भी आरोप को अंतिम रूप से साबित हुआ नहीं माना जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonia Gandhi

Sonia Gandhi Instagram Debut: पहली पोस्ट में नई किताब की झलक, 3 घंटे में 59 हजार Likes

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने सोशल मीडिया की दुनिया में नई शुरुआत की है। उन्होंने पहली बार Instagram पर अपना अकाउंट बनाया और अपनी आने वाली किताब Belonging: A Journey of Love का वीडियो शेयर किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी पहली पोस्ट को महज 3 घंटे में करीब 59 हजार लाइक्स मिले, जबकि उनके अकाउंट पर लगभग 13 हजार फॉलोअर्स हो गए। सोनिया गांधी की इस एंट्री ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि सोनिया गांधी ने अपने Instagram डेब्यू के लिए किसी राजनीतिक मुद्दे को नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और अनुभवों से जुड़ी किताब को चुना। उनकी पोस्ट में परिवार, रिश्तों और जीवन के सफर की झलक देखने को मिली। पहली पोस्ट में दिखी नई किताब की झलक Sonia Gandhi ने अपने पहले Instagram वीडियो में अपनी किताब Belonging: A Journey of Love के बारे में बताया। वीडियो में वह एक लाइब्रेरी में किताब के पन्ने और तस्वीरें देखती नजर आती हैं। उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस दौरान उनके साथ दिखाई देती हैं। किताब का जिक्र करते हुए सोनिया गांधी ने प्यार, जिम्मेदारी, अपनों को खोने और जिंदगी में अपनेपन की तलाश जैसे अनुभवों पर बात की। उनकी पहली पोस्ट ने लोगों को उनके निजी जीवन के एक अलग पहलू से रूबरू कराया। 10 नवंबर को रिलीज होगी ‘Belonging: A Journey of Love’ सोनिया गांधी की किताब 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है। HarperCollins India भारत में इसका प्रकाशन करेगा। किताब में सोनिया गांधी के बचपन से लेकर भारत आने और राजनीतिक जीवन तक के अनुभवों को जगह दी गई है। इटली में जन्मीं Sonia Gandhi की मुलाकात राजीव गांधी से कैम्ब्रिज में हुई थी। बाद में दोनों ने शादी की और वह भारत आ गईं। इसके बाद उनका जीवन गांधी परिवार और भारतीय राजनीति से जुड़ता चला गया। किताब में उनके पारिवारिक जीवन, निजी अनुभवों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की गई है। पाठकों को यह जानने का मौका मिलेगा कि सोनिया गांधी ने अपने जीवन के अलग-अलग दौर को किस तरह देखा और अनुभव किया। राजीव गांधी से शादी और राजनीति तक का सफर सोनिया गांधी की जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आए, जिन्होंने उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से प्रभावित किया। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या जैसी घटनाओं के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। शुरुआत में सक्रिय राजनीति से दूर रहने वाली सोनिया गांधी ने बाद में कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाली। वह लंबे समय तक पार्टी की अध्यक्ष रहीं और भारतीय राजनीति में उनकी अहम भूमिका रही। साल 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने। उनके राजनीतिक सफर से जुड़े अनुभव भी इस किताब को चर्चा में बनाए हुए हैं। किताब के प्रकाशन को लेकर भी हुआ था विवाद सोनिया गांधी की इस किताब का प्रकाशन पहले Penguin Random House India से होना था, लेकिन बाद में यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। मीडिया रिपोर्ट्स में पांडुलिपि के कुछ हिस्सों और संपादकीय बदलावों को लेकर मतभेद की बात सामने आई थी। इस मामले में कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि किताब के कुछ अंशों को लेकर प्रकाशक पर दबाव था। वहीं, Penguin Random House India ने इन दावों से असहमति जताई थी और संपादकीय प्रक्रिया को सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया का हिस्सा बताया था। इसके बाद HarperCollins India ने किताब के प्रकाशन की जिम्मेदारी ली। अब 10 नवंबर को इसके आने का इंतजार किया जा रहा है। Instagram पर सोनिया गांधी की एंट्री क्यों है खास? सोनिया गांधी लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन Instagram पर उनका अकाउंट शुरू करना उनके सार्वजनिक संवाद का एक नया माध्यम है। उनकी पहली पोस्ट में किताब और परिवार से जुड़े पलों को जगह देना इसे और खास बनाता है। शुरुआती घंटों में पोस्ट पर मिले लाइक्स और फॉलोअर्स से पता चलता है कि उनकी सोशल मीडिया एंट्री को लेकर लोगों में दिलचस्पी है। हालांकि, ये आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। अब सबकी नजर 10 नवंबर को किताब के प्रकाशन पर रहेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि सोनिया गांधी के जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़े कौन-से अनुभव किताब के जरिए पाठकों के सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में गर्म दाल से झुलसे युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप

इंदौर के एमआईजी क्षेत्र में गर्म दाल से झुलसे 30 वर्षीय युवक की एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इंजेक्शन दिए जाने के बाद युवक को होश नहीं आया और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल युवक की मौत के कारणों और इंजेक्शन से उसके संभावित संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। गर्म दाल लेकर आते समय झुलस गया था युवक एमआईजी पुलिस के अनुसार, आकाश (30), पिता कन्हैयालाल वर्मा, निवासी सोमनाथ की चाल, रविवार को घर में गर्म दाल से झुलस गया था। हादसे में उसके पैर बुरी तरह जल गए थे। परिजन उसे उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया था। रिश्तेदारों ने बताया कि आकाश का परिवार एमआईजी मेन रोड पर दाल-पकवान की दुकान चलाता है। दुकान के लिए दाल घर पर ही उबाली जाती है। आकाश घर के ऊपरी कमरे से नीचे दाल लेकर आ रहा था, तभी वह गर्म दाल की चपेट में आकर झुलस गया। इंजेक्शन लगाने के बाद होश नहीं आने का आरोप परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात आकाश दर्द के कारण चिल्ला रहा था। इसी दौरान डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन लगाया। परिवार का आरोप है कि इंजेक्शन देने के बाद आकाश को होश नहीं आया। बुधवार रात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इंजेक्शन और युवक की मौत के बीच कोई संबंध था या नहीं। मामले की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। खुड़ैल में जहर खाने से 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत इंदौर के खुड़ैल क्षेत्र में भी एक अन्य मामला सामने आया है। तिल्लोर खुर्द निवासी अजय (46), पिता दयाशंकर, की एमवाय अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, अजय ने जहर खा लिया था। परिजन बुधवार को उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
Shashi Tharoor

Shashi Tharoor on Rahul Gandhi: विदेश यात्रा पर सवाल पूछने वालों से बोले- मैं Travel Agent नहीं हूं

राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर सियासत गर्म है। BJP के सवालों और मीडिया की चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं।” उनके इस जवाब के बाद राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई। राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर Shashi Tharoor ने क्या कहा? विदेश यात्रा को लेकर पत्रकारों ने शशि थरूर से सवाल किया। इस पर Shashi Tharoor ने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं और उनसे इस तरह का सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं और वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। थरूर के जवाब से साफ था कि वह राहुल गांधी के दौरे के बारे में जानकारी देने या उसकी वजह बताने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। Vietnam जाने की खबर के बीच BJP ने उठाए सवाल मीडिया रिपोर्ट्स में राहुल गांधी के वियतनाम जाने की बात कही गई है। उनकी यात्रा को लेकर BJP ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध कर रहा है, तब राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं। BJP ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए भी कांग्रेस नेता को घेरा। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की यात्रा को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताई। हालांकि, उनके दौरे के उद्देश्य और कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। SIR विवाद के बीच क्यों चर्चा में आई राहुल गांधी की यात्रा? राहुल गांधी की विदेश यात्रा ऐसे समय चर्चा में आई है, जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया है। राहुल गांधी भी इस राजनीतिक अभियान में शामिल रहे हैं। ऐसे में उनकी विदेश यात्रा को लेकर BJP ने सवाल खड़े किए हैं। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि किसी नेता के निजी दौरे को बेवजह राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने BJP के सवालों पर क्या कहा? राहुल गांधी की यात्रा को लेकर कांग्रेस नेताओं ने BJP की आलोचना पर जवाब दिया। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि किसी राजनीतिक नेता के विदेश जाने को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति से चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष का अभियान रुकने वाला नहीं है। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। BJP राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का विरोध कर रही है। Shashi Tharoor के बयान से फिर तेज हुई सियासत शशि थरूर का बयान भले ही छोटा था, लेकिन इसने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर चल रही बहस को फिर से सुर्खियों में ला दिया। उन्होंने न तो यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि की और न ही उसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी दी। फिलहाल, इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि राहुल गांधी के दौरे का उद्देश्य क्या था और इस पर आधिकारिक तौर पर क्या जानकारी सामने आती है। तब तक इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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