महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (MGM) में कार-टैक्सी के इस्तेमाल पर करीब 40 से 45 लाख रुपए के भुगतान को लेकर सवाल उठे हैं। मामले में कॉलेज प्रबंधन ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोप है कि भोपाल और इंदौर के बीच यात्रा के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन का भुगतान कॉलेज के स्वशासी मद से किया गया, लेकिन इस राशि का ऑडिट नहीं हुआ और न ही कार्यकारिणी की बैठक में भुगतान को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
तीन साल में 40 से 45 लाख रुपए भुगतान का दावा
कॉलेज प्रबंधन के दस्तावेजों के अनुसार, तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निजी स्थापना से भेजे गए पत्रों के आधार पर ट्रैवल एजेंसी को वर्ष 2021, 2022 और 2023 में करीब 14 से 15 लाख रुपए सालाना भुगतान किया गया। तीन वर्षों में कुल भुगतान लगभग 40 से 45 लाख रुपए बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना काल के दौरान मंत्री के नाम पर वाहन अटैच किया गया था और इसका भुगतान MGM मेडिकल कॉलेज के स्वशासी मद से किया गया। कॉलेज के अनुसार, संबंधित वाहन का उपयोग डॉ. राहुल रोकड़े कर रहे थे। रोकड़े पूर्व में तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के ओएसडी रह चुके हैं और वर्तमान में MGM मेडिकल कॉलेज में एमटीए के अध्यक्ष हैं।
16 सितंबर को की गई थी शिकायत
ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक राधेश्याम मुवेल ने 16 सितंबर 2026 को इस मामले में कॉलेज के डीन को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भोपाल-इंदौर यात्रा के लिए टैक्सी का भुगतान निर्धारित नियमों के विपरीत किया गया।
शिकायत में भुगतान का ऑडिट नहीं होने और कार्यकारिणी की बैठक में इसकी मंजूरी नहीं लिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया।
भुगतान की मंजूरी और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालेगी समिति
जांच समिति यह पता लगाएगी कि वाहन के भुगतान के लिए किन आदेशों और नियमों का पालन किया गया था। साथ ही, भुगतान से पहले जरूरी स्वीकृतियां ली गई थीं या नहीं और वित्तीय प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
इसके लिए संबंधित आदेशों, स्वीकृतियों, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। समिति की रिपोर्ट के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चार सदस्यीय समिति गठित, तीन दिन में देनी होगी रिपोर्ट
MGM मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें एनाटॉमी विभाग की सह प्राध्यापक डॉ. शीनू मलिक सूरी को अध्यक्ष बनाया गया है।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक गवली और प्रशासनिक अधिकारी टीएस बघेल को सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं, लेखा शाखा के सहायक वर्ग-2 कर्मचारी अनिष फतरोड को प्रस्तुतकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
डॉ. राहुल रोकड़े ने आरोपों पर दी सफाई
मामले में डॉ. राहुल रोकड़े ने कहा कि उन्होंने कोई भुगतान नहीं किया है। उनका कहना है कि वाहन मंत्री के निजी स्थापना में लगा था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अनियमितता बताई जा रही है, तो इसकी जांच मंत्री कार्यालय से कराई जानी चाहिए।
अब जांच समिति की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि वाहन के उपयोग और भुगतान की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।



































