मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल की जांच में पुलिस को अहम डिजिटल सुराग मिले हैं। जांच के दौरान मोबाइल में कथित तौर पर दो ऑनलाइन सट्टा एप, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इनपुट और तीन महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर मिले हैं। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है।
इंदौर के डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि राजेंद्र नगर थाना पुलिस की विशेष टीम मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है।
दो युवतियों के बयान में भी मिले अहम इनपुट
रविवार को राजेंद्र नगर थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए गए।
एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान नाना पटवारी से एक प्लॉट के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि एक पार्टी के दौरान एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी मौजूद थे।
दूसरी युवती ने बताया कि नाना पटवारी उसके पति के मित्र हैं और इसी कारण उनकी पहचान हुई थी।
इन बयानों की पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, मोबाइल में मिले दोनों एप के जरिए कथित रूप से ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी लिंक भेजी जाती थीं। इसके अलावा कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लेन-देन और कथित सट्टा नेटवर्क के बीच कोई संबंध है या नहीं। मोबाइल से मिले तीन अहम नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की भी तलाश की जा रही है।
फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा नाना पटवारी
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और दोनों युवतियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
पूछताछ के दौरान उनसे कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और पार्टी में ड्रग्स सेवन के आरोपों को लेकर सवाल किए जाएंगे। पुलिस पूरे नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें करीब सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप था कि वह उस मामले में फरार चल रहे थे।
इसके अलावा 2025 में तेजाजी नगर थाने में उनके और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का मामला भी दर्ज हुआ था।
महिला से अभद्रता का मामला भी दर्ज
नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी और अन्य लोग हथियारों के साथ उसके घर में घुस आए थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि नाना पटवारी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इन आरोपों पर उस समय मामला दर्ज कर जांच की गई थी।
खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी सामने आया था नाम
जुलाई 2018 में इंदौर निवासी खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था।
हालांकि, पूछताछ के बाद उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। बाद में 2025 में ड्रग्स कनेक्शन और हाई-प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े पहलुओं की जांच के दौरान यह मामला फिर चर्चा में आया।
पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। अभी तक किसी नए आरोप पर अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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