पुणे के चर्चित लोहागढ़ किला (Lohagad Fort) मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच के दौरान सामने आई WhatsApp चैट ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन चैट्स से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ट्रैकिंग पर जाने का आइडिया किसका था और केतन अग्रवाल को वहां ले जाने की योजना किसने बनाई थी।
WhatsApp चैट में क्या मिला?
जांच एजेंसियों के हाथ लगी WhatsApp चैट के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच ट्रैकिंग को लेकर लगातार बातचीत हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच लोहागढ़ किले पर जाने को लेकर चर्चा हुई थी। हालांकि, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है कि ट्रैकिंग का अंतिम फैसला किसने लिया था।
एक-दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी अब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सिया का दावा है कि ट्रैकिंग और पूरी योजना चेतन की थी, जबकि चेतन का कहना है कि सिया ने ही उसे इसमें शामिल किया। जांच एजेंसियां दोनों के बयानों का मिलान डिजिटल सबूतों और चैट रिकॉर्ड से कर रही हैं।
पुलिस कर रही है डिजिटल सबूतों की जांच
पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन डेटा और WhatsApp चैट की फॉरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य यह स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि ट्रैकिंग का प्लान किसने बनाया और कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी।
