भारतीय शेयर (Share Market) बाजार में बुधवार का दिन निवेशकों के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। अचानक आई भारी बिकवाली के कारण बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ा और इसका सीधा असर भारतीय शेयर मार्केट पर दिखाई दिया। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1900 अंक तक टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया और बाजार में चारों तरफ बिकवाली नजर आई। Trump के Iran Statement ने बढ़ाई Market Tension शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ट्रंप के इस बयान के बाद कि ईरान के साथ अब बातचीत की संभावना नहीं है, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई। निवेशकों को डर है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका असर महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी चिंता के चलते विदेशी और घरेलू निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। Opening Bell से ही कमजोर रहा बाजार बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत ही दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट तेज हो गई। जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ता गया। बैंकिंग, आईटी, ऑटो, मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण पूरे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया। Investors को लगा बड़ा झटका शेयर बाजार में अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया। कुछ ही घंटों में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और निवेशकों की संपत्ति में भी कमी आई। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह से ग्लोबल संकेतों पर निर्भर है। अमेरिका-ईरान तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी। इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट आज की गिरावट में कई प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे: Market Crash के बीच निवेशकों को क्या करना चाहिए? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक आई गिरावट के दौरान निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, इसलिए लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों के प्रदर्शन और फंडामेंटल पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में बाजार की नजर अमेरिका-ईरान संबंधों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी। Share Market की अगली चाल पर सबकी नजर फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक अनिश्चितता है। अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन तनाव बढ़ने की स्थिति में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!