अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर Nobel Peace Prize को लेकर चर्चा में हैं। Nobel Prize की घोषणा से ठीक पहले ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 8 युद्धों को रुकवाने या सुलझाने में भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर काम करने के बाद भी अगर उन्हें Nobel Peace Prize नहीं मिलता है, तो इससे पुरस्कार देने वाली कमेटी की ही बदनामी होगी।
ट्रम्प ने 7 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने अपने शांति प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कई ऐसे संघर्षों को रोकने में मदद की, जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता था।
‘मैंने 8 युद्धों को रुकवाया’
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने 8 युद्धों को खत्म कराने या रोकने में अहम भूमिका निभाई है। उनका दावा है कि इन प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई गई और दुनिया को संभावित बड़े संघर्ष से बचाने में मदद मिली।
ट्रम्प लंबे समय से Nobel Peace Prize की इच्छा जाहिर करते रहे हैं। इस बार भी उन्होंने अपने शांति प्रयासों को पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी से जोड़ते हुए कहा कि अगर उन्हें Nobel नहीं दिया गया, तो यह कमेटी के लिए ही सवाल खड़ा करेगा।
Nobel Prize को लेकर 6 साल से चर्चा
ट्रम्प के Nobel Peace Prize को लेकर दावे कोई नई बात नहीं हैं। वह पिछले कई वर्षों से इस सम्मान की चर्चा करते रहे हैं। अपने मौजूदा कार्यकाल में भी उन्होंने कई बार कहा है कि उनके अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों को Nobel Prize के लिए मान्यता मिलनी चाहिए।
हालांकि, Nobel Peace Prize किसे दिया जाएगा, इसका फैसला Norwegian Nobel Committee करती है। किसी व्यक्ति का नामांकन होना अपने आप में पुरस्कार मिलने की गारंटी नहीं होता।
Iran समेत कई संघर्षों का किया जिक्र
ट्रम्प ने अपने बयान में Iran और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों ने दुनिया को बड़े युद्ध और संभावित तबाही से बचाने में मदद की।
हालांकि, अलग-अलग संघर्षों में ट्रम्प की भूमिका को लेकर संबंधित देशों और पक्षों के दावे अलग-अलग रहे हैं। इसलिए 8 युद्धों को रोकने का दावा ट्रम्प का अपना आकलन है, जिसे हर मामले में स्वतंत्र रूप से एक समान तरीके से स्वीकार नहीं किया गया है।
Nobel Peace Prize का फैसला जल्द
2026 Nobel Peace Prize की घोषणा शुक्रवार को होने वाली है। ऐसे में ट्रम्प का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि Nobel Committee इस साल शांति के लिए किए गए किन प्रयासों को सबसे ज्यादा महत्व देती है।
ट्रम्प ने अपनी ओर से अपनी दावेदारी साफ कर दी है। अब अंतिम फैसला Nobel Committee की घोषणा के बाद ही सामने आएगा।
Trump और Nobel Prize का पुराना कनेक्शन
Nobel Peace Prize को लेकर ट्रम्प की दिलचस्पी काफी पुरानी है। वह पहले भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि उनके कूटनीतिक प्रयासों को इस पुरस्कार के जरिए सम्मान मिलना चाहिए।
इस बार उनका ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब Nobel Peace Prize की घोषणा बेहद करीब है। इसलिए ट्रम्प का ‘8 युद्ध रोकने’ वाला दावा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और Nobel Prize की चर्चा के केंद्र में आ गया है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

