भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामला: 3D तकनीक और डमी टेस्ट से सुलझेगी गुत्थी?
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब नए और अत्याधुनिक तरीके से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए घटनास्थल का 3D स्कैन कराया है और अब 80 किलो वजन वाली डमी के जरिए घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट करने की तैयारी की है।
जांच एजेंसी का मानना है कि केवल बयान और दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि घटनास्थल के वैज्ञानिक पुनर्निर्माण से भी कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
3D स्कैनिंग से तैयार होगा पूरा घटनाक्रम
CBI की टीम ने भोपाल स्थित घर का 3D स्कैन कराया है, जहां ट्विशा शर्मा मृत पाई गई थीं। इस तकनीक के जरिए घर का डिजिटल मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी घर के हर कमरे, वस्तुओं की स्थिति और घटनास्थल के लेआउट का अध्ययन कर रही है ताकि किसी भी विसंगति की पहचान की जा सके।
‘टनल व्यू’ तकनीक से बनाई जा रही मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन
CBI ने जांच में “टनल व्यू” नामक आधुनिक तकनीक का भी उपयोग शुरू किया है। इसके तहत CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियां, वाई-फाई लॉग और गवाहों के बयानों को जोड़कर एक डिजिटल टाइमलाइन तैयार की जा रही है।
इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना वाले दिन आखिर क्या-क्या हुआ और किस समय कौन-कौन व्यक्ति घर में मौजूद था।
80 किलो की डमी से होगा घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
CBI अब 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर उस स्थिति को दोबारा तैयार करेगी, जैसा आरोपियों ने अपने बयानों में बताया है। एजेंसी यह जांचना चाहती है कि क्या घटनास्थल पर बताए गए तरीके से शव को नीचे उतारना वास्तव में संभव था या नहीं।
इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भी घटनास्थल पर ले जाया जा सकता है ताकि उनके दावों की सत्यता परखी जा सके।
CBI हिरासत में आरोपी
मामले में बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब विशेष अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को CBI की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी दोनों से पूछताछ कर रही है और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने संभाली जांच
मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने FIR दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की और भोपाल पुलिस से सभी दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए।
क्या है पूरा मामला?
ट्विशा शर्मा की मई 2026 में भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोप लगाए। मामला लगातार तूल पकड़ता गया और अंततः जांच CBI को सौंप दी गई।
