उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा में डमी कैंडिडेट (सॉल्वर) बैठाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज होने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर NSUI ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया।
छात्रों ने कुलगुरु के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुतला छीन लिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 4 मई का है, जब वाग्देवी भवन में आयोजित बीकॉम परीक्षा के दौरान छात्रा सपना भदौरिया की जगह इंदौर निवासी विशाखा माहेश्वरी परीक्षा देती हुई पकड़ी गई। छात्र नेता तरुण परिहार की सूचना पर विभागाध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे परीक्षा से रोक दिया।
इसके बाद पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह सॉल्वर गैंग के जरिए परीक्षा दिलाने का मामला है।
प्रशासन पर सवाल, छात्रों का गुस्सा
NSUI का आरोप है कि पुलिस ने तो अपनी कार्रवाई कर दी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए है। इसी के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
NSUI के परिक्षेत्र अध्यक्ष तरुण परिहार ने कहा, “जब पुलिस कार्रवाई कर सकती है, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन क्यों पीछे है? दोषियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।”
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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