इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने बिजलपुर इलाके की जमीन गिरवी रखकर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में एक दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि दंपती ने फाइनेंस कंपनी सोलफुल निधि लिमिटेड से जमीन गिरवी रखकर लोन लिया और बाद में उसी संपत्ति को दूसरे लोगों को बेच दिया। लोन की रकम वापस मांगने पर भुगतान से इनकार करने और कंपनी संचालक को धमकाने का भी आरोप है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, नवलखा स्थित प्रेस्टीज टावर के इंदिरा कॉम्प्लेक्स में संचालित सोलफुल निधि लिमिटेड के संचालक शरद कुमार पोरवाल ने इस संबंध में शिकायत की थी। डीसीपी के निर्देश पर पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की है।
1,500 वर्गफीट का प्लॉट गिरवी रखकर लिया था लोन
शिकायत के अनुसार, क्रिस्टल अपार्टमेंट, बिजलपुर निवासी हकीमुद्दीन सैफी और उनकी पत्नी फातिमा सैफी ने 21 दिसंबर 2022 को बिजलपुर के पटवारी हल्का नंबर 10 में स्थित अपना प्लॉट नंबर 461, मस्किन-ए-सैफिया गिरवी रखकर 60 लाख रुपये का लोन लिया था। इस प्लॉट का क्षेत्रफल 1,500 वर्गफीट बताया गया है।
आरोप है कि लोन लेने के बाद दंपती ने तय अवधि में किस्तों और मूल राशि का भुगतान नहीं किया। कंपनी की ओर से नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
गिरवी रखी जमीन की दूसरे लोगों के नाम कराई रजिस्ट्री
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने 5 दिसंबर 2023 को गिरवी रखी संपत्ति के कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद यह संपत्ति हुसैना रसूलवाला और ज़हरा रसूलवाला को बेच दी गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दंपती ने इसी आवासीय संपत्ति के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चार-पांच अन्य बैंकों और निजी व्यक्तियों से भी कर्ज लिया। फिलहाल प्लॉट पर किसी तीसरे पक्ष द्वारा अनधिकृत निर्माण किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
लोन की रकम मांगी तो फोन बंद कर दिया
कंपनी संचालक शरद पोरवाल के मुताबिक, जब उन्होंने दंपती से लोन की रकम वापस मांगी तो हकीमुद्दीन सैफी ने अपना फोन बंद कर लिया। इसके बाद वह केवल वॉट्सऐप के जरिए संपर्क में रहा।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि हकीमुद्दीन ने उन्हें धमकी देते हुए कहा, ‘तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं तुमसे मिलूंगा ही नहीं।’
वहीं, फातिमा सैफी पर भी धमकाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा, ‘हम पैसे नहीं देंगे। उल्टे झूठे केस में फंसा देंगे, जो बने वो कर लो।’
क्राइम ब्रांच ने दर्ज की FIR
इसके बाद शरद पोरवाल ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी के निर्देश पर पुलिस ने हकीमुद्दीन सैफी और फातिमा सैफी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।

