इंदौर। लोकायुक्त ने बुधवार को नगर निगम के जोन-13 में पदस्थ सब इंजीनियर हर्ष गहलोत को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि उसने पानी के टैंकर के तीन महीने के बकाया बिल का भुगतान कराने के लिए लॉगबुक सत्यापन के बदले 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त की टीम ने चाणक्यपुरी चौराहे पर हनुमान मंदिर के सामने ट्रैप की कार्रवाई की। इस दौरान सब इंजीनियर को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया।
तीन महीने से लंबित था 1.12 लाख रुपए का बिल
मामले के अनुसार, नायता मुंडला निवासी सोहेल पटेल ने नगर निगम में अपना पानी का टैंकर अटैच कराया था। टैंकर से संबंधित तीन महीने का करीब 1.12 लाख रुपए का बिल भुगतान के लिए लंबित था।
बिल पास कराने के लिए लॉगबुक का सत्यापन होना जरूरी था। आरोप है कि इसी सत्यापन के बदले सब इंजीनियर ने सोहेल पटेल से 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
सोहेल पटेल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद बुधवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई और आरोपी सब इंजीनियर को 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त ने आरोपी सब इंजीनियर हर्ष गहलोत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।









































