छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का किराया करीब एक साल के भीतर दूसरी बार बढ़ा दिया गया है। परिवहन विभाग ने 8 अक्टूबर को नई किराया दरों की अधिसूचना जारी की है। इस बार सबसे ज्यादा असर साधारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। साधारण बसों का प्रति किलोमीटर किराया 1 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। यानी प्रति किलोमीटर दर में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इसके अलावा शुरुआती 5 किलोमीटर का किराया भी 8 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। नई दरें साधारण बसों के साथ डीलक्स, लग्जरी और एसी स्लीपर बसों पर भी लागू होंगी।
रायपुर से बिलासपुर और जगदलपुर का सफर होगा महंगा
नई किराया दरों के कारण प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अब अधिक पैसे खर्च करने होंगे।
- रायपुर से बिलासपुर: साधारण बस का किराया 95 रुपये बढ़कर 228 रुपये हो जाएगा।
- रायपुर से जगदलपुर: किराया 300 रुपये से बढ़कर करीब 521 रुपये हो जाएगा। यानी यात्रियों को लगभग 221 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
- रायपुर से अंबिकापुर: सफर के लिए करीब 230 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे।
- रायपुर से जशपुरनगर: यात्रियों को करीब 346 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
इस बढ़ोतरी का असर रोजाना और नियमित रूप से बसों में यात्रा करने वाले लोगों के मासिक खर्च पर भी पड़ सकता है।
पिछले साल किराया घटने से मिली राहत अब खत्म
साल 2025 में सरकार ने साधारण बसों का शुरुआती किराया 7.50 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये किया था। हालांकि, उस समय प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से घटाकर 1 रुपये कर दिया गया था।
अब नई दरों में प्रति किलोमीटर किराया 1 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। इससे पिछले साल प्रति किलोमीटर दर में कटौती से यात्रियों को मिली राहत खत्म हो गई है और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रदेश में 13 हजार से ज्यादा यात्री बसें
छत्तीसगढ़ में 13 हजार से अधिक यात्री बसें पंजीकृत हैं। इनमें करीब 5 हजार साधारण बसें हैं। बाकी बसें स्लीपर, एसी, सेमी स्लीपर, डीलक्स और लग्जरी श्रेणियों में आती हैं।
साधारण बसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से मध्यम और कम आय वर्ग के यात्री करते हैं। ऐसे में किराया बढ़ने का सीधा असर इन यात्रियों के परिवहन खर्च पर पड़ने की संभावना है।
बस ऑपरेटरों की मांग के बाद बढ़ाया गया किराया
बस ऑपरेटर पिछले कई दिनों से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि ईंधन, टायर, कल-पुर्जों और वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ने के कारण पुरानी दरों पर बसों का संचालन मुश्किल हो रहा है।
ऑपरेटरों ने मांग पूरी नहीं होने पर हड़ताल करने और बसों का संचालन बंद करने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद किराया बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिस पर परिवहन विभाग ने नई दरों की अधिसूचना जारी की।










































