नई दिल्ली। दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। 27 अक्टूबर को भी दोनों कीमती धातुओं के दाम में कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹279 गिरकर करीब ₹1.41 लाख रह गया। वहीं, चांदी की कीमत ₹1,980 प्रति किलो घटकर करीब ₹1.92 लाख पर आ गई।
अक्टूबर में अब तक सोना करीब ₹7,000 और चांदी लगभग ₹20,000 सस्ती हो चुकी है। इससे पहले सितंबर में भी दोनों धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट आई थी। उस महीने सोना करीब ₹8,000 और चांदी लगभग ₹15,000 सस्ती हुई थी।
सितंबर में भी गिरे थे सोने-चांदी के भाव
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को सोने की कीमत ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम थी, जो 30 सितंबर तक घटकर ₹1.48 लाख रह गई। इसी तरह चांदी का भाव ₹2.37 लाख प्रति किलो से गिरकर ₹2.22 लाख पर आ गया था।
लगातार गिरावट के बीच निवेशकों और खरीदारों की नजर अब इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे जाएंगी या बाजार में फिर तेजी लौटेगी।
क्या आगे भी जारी रहेगी कीमतों में गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल सोने-चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीमतों पर वैश्विक ब्याज दरों, आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारकों का असर पड़ता है।
- अमेरिकी ब्याज दरें: अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ब्याज दरों में बदलाव से निवेशकों की सोने में दिलचस्पी भी बदलती है।
- वैश्विक तनाव: अमेरिका-ईरान तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देख सकते हैं।
- बाजार में कमजोरी: कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। गिरावट के दौरान खरीदारी का अवसर बन सकता है, लेकिन कीमतों में और कमी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एक्सपर्ट की सलाह: किस्तों में करें खरीदारी
कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के मुताबिक, सोने-चांदी की खरीदारी एक साथ करने के बजाय किस्तों में करना बेहतर रणनीति हो सकती है। खरीदार कुछ मात्रा अभी खरीद सकते हैं और बाकी खरीदारी 15 से 20 दिन के अंतराल पर कर सकते हैं।
उनकी सलाह है कि निवेश के लिए केवल एक-दो महीने का नजरिया रखने के बजाय छह महीने से एक साल तक की अवधि को ध्यान में रखा जाए। हालांकि, निवेश से पहले अपनी जरूरत, बजट और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
सोना खरीदते समय ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का हॉलमार्क जरूर जांचें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि करने में मदद मिलती है। आभूषण पर हॉलमार्क और उससे जुड़ी पहचान की जानकारी ध्यान से देखें। केवल किसी अल्फान्यूमेरिक नंबर को देखकर ही सोने की शुद्धता तय न करें।
2. वजन और कीमत की पुष्टि करें
सोना खरीदने से पहले उसका वजन और उस दिन का बाजार भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं। बिल में सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स की जानकारी भी जरूर देखें।
असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
1. मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर चुंबक से नहीं चिपकती। हालांकि, केवल इस जांच के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का फैसला नहीं किया जा सकता।
2. आइस टेस्ट: चांदी में ऊष्मा तेजी से संचरित होती है, इसलिए उसके संपर्क में रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। लेकिन यह जांच भी चांदी की शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है।
3. स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में आमतौर पर तेज धातु जैसी गंध नहीं होती। हालांकि, गंध के आधार पर चांदी की प्रामाणिकता तय करना भरोसेमंद तरीका नहीं है।
4. क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर कभी-कभी काला निशान आ सकता है। यह चांदी की सतह पर होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण हो सकता है, लेकिन इससे उसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं होती।
चांदी की शुद्धता की सही जांच के लिए प्रमाणित विक्रेता से खरीदारी करें और जरूरत पड़ने पर अधिकृत जांच केंद्र की मदद लें।


