देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में 20 दिन के भीतर 13 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गांव में अवैध शराब बेचने का आरोपी विनोद जायसवाल भी शामिल है, जो नौ दिन से फरार था। पुलिस के मुताबिक, विनोद से पूछताछ के आधार पर दो वाइन शॉप के मैनेजर, दो सेल्समैन और अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों से करीब 7.25 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
यह मामला अवैध और कथित जहरीली शराब से मौतों की घटनाओं को लेकर चर्चा में है। हालांकि, सभी 13 मौतों का जहरीली शराब से संबंध अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच हुईं 13 मौतें
चंदाना और बिंजाना गांवों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 13 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में से 10 के परिजनों ने आरोप लगाया था कि शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। परिजनों के मुताबिक, कुछ लोगों को उल्टियां हुईं और दिखाई देना बंद हो गया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। वहीं, तीन मृतकों के परिजनों ने बताया था कि उनके परिवार के सदस्यों ने उस दिन शराब नहीं पी थी।
पुलिस के अनुसार, 15 और 18 अक्टूबर को चंदाना के दो लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन थाने में मर्ग दर्ज किया गया था। परिजनों के बयान में विनोद जायसवाल द्वारा गांव में अवैध शराब बेचने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
वाइन शॉप के मैनेजर और सेल्समैन भी गिरफ्तार
पुलिस ने विनोद जायसवाल के अलावा अजय राठौर, रामेश्वर सोनगरा, भाड़ा पिपल्या वाइन शॉप के मैनेजर नितिन सोलंकी, क्षिप्रा वाइन शॉप के मैनेजर चंद्रशेखर बैरागी, अरबिंदो इंदौर वाइन शॉप के सेल्समैन सत्येंद्र ओझा और क्षिप्रा वाइन शॉप के सेल्समैन राजदेव पटेल को गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा जुगल सिंह, राजेंद्र निनामा और विशाल चौहान को भी पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में इंदौर और उत्तर प्रदेश तक आरोपियों के संपर्कों की जांच की जा रही है।
हालांकि, गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि विनोद गांव में किस शराब दुकान या ठेकेदार के लिए शराब बेचता था। उसकी डायरी में दर्ज बिक्री का हिसाब किस दुकान से जुड़ा था, इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।
आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) में केस
मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा निर्धारित सीमा से अधिक शराब के अवैध कब्जे, परिवहन या बिक्री जैसे मामलों में लागू होती है।
इस प्रावधान के तहत दोष सिद्ध होने पर एक से तीन साल तक की जेल और 25 हजार से एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।
उमंग सिंघार ने मांगा 25-25 लाख रुपए मुआवजा
मामले को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मौके से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को फोन कर प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।
सिंघार ने कांग्रेस की ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। कांग्रेस इस मामले को लेकर मंगलवार को देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौतों के कारण, शराब के स्रोत और आरोपियों के बीच संभावित संबंधों को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं।




































