अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो 20 अक्टूबर को मुंबई पहुंचेंगे। अपने भारत दौरे के दौरान वे गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का दौरा करेंगे और कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी से मुलाकात करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जामनगर में उनका कार्यक्रम करीब 9 घंटे का हो सकता है।
रुबियो का यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में प्रस्तावित नई ऑयल रिफाइनरी परियोजना से जुड़ी है। ऐसे में जामनगर रिफाइनरी का दौरा दोनों देशों के ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
20 अक्टूबर को मुंबई पहुंचेंगे रुबियो
तय कार्यक्रम के अनुसार, रुबियो 20 अक्टूबर को मुंबई पहुंचेंगे। इसी दिन उनकी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद वे गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां रिलायंस के अधिकारियों और मुकेश अंबानी से मुलाकात करेंगे।
जामनगर में वे रिलायंस के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का जायजा लेने के साथ वनतारा वन्यजीव एवं पशु पुनर्वास केंद्र भी देख सकते हैं। हालांकि, वनतारा के दौरे को लेकर अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि जरूरी होगी।
अडाणी और टाटा समूह के प्रमुखों से भी बातचीत की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स में रुबियो की भारत के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात की संभावना भी जताई गई है। इनमें उद्योगपति गौतम अडाणी और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के नाम शामिल हैं।
इन बैठकों का संभावित उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, ऊर्जा और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाना है। हालांकि, इन मुलाकातों की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत एजेंडे की जानकारी सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
रुबियो के जामनगर दौरे को 5 पॉइंट में समझें
1. अमेरिका में ईंधन की कीमतें और मिडटर्म चुनाव
अमेरिका में नवंबर 2026 में मिडटर्म चुनाव होने हैं। ईंधन की कीमतें वहां राजनीतिक और आर्थिक चर्चा का अहम मुद्दा हैं। ऐसे में ट्रम्प प्रशासन ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के विकल्पों पर ध्यान दे रहा है।
2. जामनगर रिफाइनरी से ईंधन आपूर्ति की संभावनाएं
गुजरात के जामनगर में रिलायंस का रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का प्रसंस्करण करता है और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी करता है। इसकी क्षमता भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा व्यापार बढ़ाने के अवसर उपलब्ध करा सकती है।
3. रिलायंस और अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र के बीच बढ़ता सहयोग
मार्च 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टेक्सास में प्रस्तावित नई रिफाइनरी परियोजना में रिलायंस के निवेश का उल्लेख किया था। इस परियोजना को अमेरिका में कई दशकों बाद नई ऑयल रिफाइनरी स्थापित करने की योजना के रूप में पेश किया गया है।
ऐसे में रुबियो का जामनगर दौरा भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में संभावित साझेदारी को रेखांकित करता है।
4. टेक्सास रिफाइनरी परियोजना पर नजर
टेक्सास के ब्राउन्सविल क्षेत्र में प्रस्तावित रिफाइनरी परियोजना अमेरिका की ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना का हिस्सा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज इस परियोजना से जुड़ी है। हालांकि, परियोजना की लागत, निवेश की वास्तविक संरचना और निर्माण की प्रगति को लेकर अलग-अलग दावों को आधिकारिक जानकारी के आधार पर समझना जरूरी है।
5. दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स
रिलायंस के जामनगर परिसर को दुनिया का सबसे बड़ा एक ही स्थान पर स्थित रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स माना जाता है। इसकी कच्चे तेल के प्रसंस्करण की क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जाती है। बड़े पैमाने पर उत्पादन और निर्यात क्षमता के कारण यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है।
भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों के लिहाज से अहम दौरा
रुबियो का मुंबई और जामनगर दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के साथ व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर भी केंद्रित रहेगा। रिलायंस की रिफाइनरी और टेक्सास की प्रस्तावित परियोजना इस दौरे को कारोबारी दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती हैं।
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