दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से कथित गैंगरेप की घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही पर पाबंदी लगाने के बजाय सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने चाहिए।
यह मामला उस घटना के बाद सामने आया है, जिसमें 17 वर्षीय लड़की के साथ आस्था कुंज पार्क में कथित सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आई थी। घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कुछ समय के लिए ऑफलाइन कक्षाएं स्थगित कर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की थीं।
‘महिलाओं पर पाबंदियां लगाना बंद करे सरकार’
केजरीवाल ने कहा कि सुरक्षा को लेकर चिंतित छात्राओं को शाम के समय बाहर नहीं निकलने की सलाह देने के बजाय सरकार को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां महिलाएं बिना डर के कहीं भी आ-जा सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा के नाम पर प्रतिबंध महिलाओं पर ही क्यों लगाए जाएं।
उनका कहना है कि महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही पर रोक लगाने के बजाय सरकार की जिम्मेदारी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
CCTV और स्ट्रीट लाइट बढ़ाने की मांग
केजरीवाल ने दिल्ली में महिला सुरक्षा के लिए CCTV कैमरों का व्यापक नेटवर्क, अंधेरे वाले इलाकों में स्ट्रीट लाइट्स और CCTV की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल कमांड स्ट्रक्चर बनाने की मांग की।
आस्था कुंज पार्क मामले के बाद पार्क में CCTV कवरेज और पर्याप्त रोशनी की कमी को लेकर भी सवाल उठे थे। रिपोर्टों के मुताबिक पार्क के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर CCTV की कमी और कुछ हिस्सों में खराब रोशनी सामने आई थी।
कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग
केजरीवाल ने कॉलेज परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने प्रत्येक कॉलेज में महिला पुलिस अधिकारियों समेत पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की बात कही।
आस्था कुंज मामले के बाद छात्रों ने भी स्ट्रीट लाइट, CCTV और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग उठाई थी। लेडी श्रीराम कॉलेज ने बाद में छात्रों, पुलिस और कॉलेज प्रशासन के बीच समन्वय के लिए एक स्टूडेंट्स सिक्योरिटी काउंसिल बनाने की घोषणा की।
केजरीवाल ने लगाया सिस्टम पर आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में कार्रवाई करने के बजाय कई बार सिस्टम पीड़ितों की आजादी पर सवाल उठाने लगता है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को डर के माहौल में रहने के लिए कहने के बजाय सरकार को उन्हें सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब आस्था कुंज मामले के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने महिला सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने बेहतर रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की मांग की है।
