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हरियाणा में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती, 2 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश

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चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षा विभाग ने प्रदेश में संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्कूलों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने और 2 नवंबर 2026 तक पूरी जानकारी निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक, पहले भी इन स्कूलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन संबंधित कार्यालयों से निर्धारित जानकारी नहीं मिली।

गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ तत्काल कड़ा प्रशासनिक संज्ञान लें।

अधिकारियों को विभागीय आदेश क्रमांक 7/21-2017 PS (3), दिनांक 24 अप्रैल 2025 के तहत जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।

स्कूल बंद कराकर निदेशालय को भेजनी होगी सूची

जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही बंद किए गए स्कूलों की सूची निदेशालय को भेजना भी सुनिश्चित करना होगा।

विभाग ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित कार्यालयों से अब तक आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण अधिकारियों को 2 नवंबर 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी नजर

शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है।

जारी पत्र की प्रतियां राज्य के सभी अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (ADC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी भेजी गई हैं, ताकि संबंधित स्तर पर समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अब जिला स्तर के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जानकारी उपलब्ध कराने और नियमानुसार कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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सागर में IG इरशाद वली का चार थानों में औचक निरीक्षण, लंबित अपराधों के जल्द निराकरण के निर्देश

सागर। पुलिस महानिरीक्षक सागर इरशाद वली ने बुधवार दोपहर जिले के चार पुलिस थानों का औचक निरीक्षण किया। आईजी के अचानक थानों में पहुंचने से पुलिसकर्मियों में हलचल देखने को मिली। उन्होंने मकरोनिया, कैंट, बहेरिया और सानौधा थानों का निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था और विभागीय कार्यों की समीक्षा की। पुलिसकर्मियों से संवाद कर जानी समस्याएं निरीक्षण के दौरान आईजी इरशाद वली ने संबंधित थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने उनके शासकीय कार्यों, कार्य परिस्थितियों और समस्याओं की जानकारी ली। आईजी ने विभागीय कामकाज की समीक्षा के साथ पुलिसकर्मियों का हालचाल भी जाना और उनके व्यक्तिगत व कार्य संबंधी अनुभव सुने। उन्होंने पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रहकर ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। बीट प्रणाली मजबूत करने पर जोर आईजी ने पुलिसिंग की बुनियादी इकाई बीट प्रणाली को मजबूत और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने निर्धारित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, संवेदनशील स्थानों, अपराधियों, असामाजिक तत्वों और स्थानीय समस्याओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने आमजन से नियमित संपर्क और संवाद बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए। इससे अपराधों की रोकथाम में मदद मिलने के साथ जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। आईजी ने बीट स्तर पर सक्रियता, नियमित क्षेत्र भ्रमण, सूचनाओं के प्रभावी संकलन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय को प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताया। लंबित अपराधों का जल्द निराकरण करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान लंबित अपराधों के निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। आईजी ने विवेचकों से कहा कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और प्रत्येक मामले में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों का संकलन तथा जरूरी वैधानिक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। उन्होंने अनावश्यक देरी से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना के जरिए मामलों का निराकरण करने पर जोर दिया। इसके साथ ही अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी और एसडीओपी पूजा शर्मा मौजूद रहीं।

इंदौर में नगर निगम का सब इंजीनियर 5 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप, 1.12 लाख का बिल पास कराने मांगी थी रकम

इंदौर। लोकायुक्त ने बुधवार को नगर निगम के जोन-13 में पदस्थ सब इंजीनियर हर्ष गहलोत को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि उसने पानी के टैंकर के तीन महीने के बकाया बिल का भुगतान कराने के लिए लॉगबुक सत्यापन के बदले 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त की टीम ने चाणक्यपुरी चौराहे पर हनुमान मंदिर के सामने ट्रैप की कार्रवाई की। इस दौरान सब इंजीनियर को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। तीन महीने से लंबित था 1.12 लाख रुपए का बिल मामले के अनुसार, नायता मुंडला निवासी सोहेल पटेल ने नगर निगम में अपना पानी का टैंकर अटैच कराया था। टैंकर से संबंधित तीन महीने का करीब 1.12 लाख रुपए का बिल भुगतान के लिए लंबित था। बिल पास कराने के लिए लॉगबुक का सत्यापन होना जरूरी था। आरोप है कि इसी सत्यापन के बदले सब इंजीनियर ने सोहेल पटेल से 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल सोहेल पटेल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद बुधवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई और आरोपी सब इंजीनियर को 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज लोकायुक्त ने आरोपी सब इंजीनियर हर्ष गहलोत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

बिलासपुर में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटे, बिल्डर को नोटिस जारी

बिलासपुर। मंगला चौक से उसलापुर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर स्थित एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में बिल्डर को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। ग्रीन नेट से ढंककर की जा रही थी कटाई स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ काटने की गतिविधि छिपाने के लिए निर्माण स्थल के संबंधित हिस्से को ग्रीन नेट से ढंक दिया गया था। हालांकि, लोगों ने पेड़ कटने का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स का नक्शा स्वीकृत योजना के विपरीत होने की शिकायत भी सामने आई है। इस संबंध में नगर निगम, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और वन विभाग से जानकारी जुटाई जा रही है। दो पेड़ कटने के बाद रुकवाई गई कार्रवाई एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी के मुताबिक, नीलगिरी के पेड़ काटे जाने की शिकायत दो दिन पहले मिली थी। इसके बाद राजस्व निरीक्षक (आरआई) को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान वहां दो पेड़ कटे हुए मिले, जिसके बाद पेड़ों की कटाई रुकवा दी गई। एसडीएम ने बताया कि बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में बिल्डर को नोटिस जारी किया गया है। बिल्डर का जवाब मिलने के बाद अर्थदंड लगाने सहित आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय से पेड़ काटने की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। जमीन और निर्माण की अनुमति की भी होगी जांच वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित जमीन राजस्व भूमि है। आरोप है कि पेड़ काटने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति नहीं ली गई और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेड़ काटने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। इसके साथ ही निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के नक्शे और निर्माण कार्य में नियमों के पालन से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई बिल्डर के जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी।

भारत से व्यापार पर बैन के बावजूद पाकिस्तान में भारतीय सामान की मांग बढ़ी, तीसरे देशों के जरिए हो रही सप्लाई

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे व्यापार पर रोक के बावजूद पाकिस्तानी बाजार में भारतीय सामान की मांग बढ़ने का दावा किया गया है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान पाकिस्तान ने भारत से 61.74 मिलियन डॉलर का सामान आयात किया। उपलब्ध आंकड़ों में यह रकम पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 69% अधिक बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल इसी अवधि में पाकिस्तान ने भारत से करीब ₹3,478 करोड़ का सामान खरीदा था। वहीं, इस अवधि में पाकिस्तान से भारत को होने वाला आयात शून्य रहने की बात कही गई है। सीधे व्यापार पर रोक, फिर कैसे पहुंच रहा भारतीय सामान? 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे व्यापार पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद भारतीय उत्पादों की मांग पूरी करने के लिए तीसरे देशों के जरिए व्यापार होने की बात सामने आई है। व्यापार से जुड़े दावों के मुताबिक, कुछ कारोबारी भारत में बने सामान को पहले दुबई, सिंगापुर या श्रीलंका जैसे देशों में भेजते हैं। इसके बाद वहां से उसे पाकिस्तान पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया में सामान की पैकेजिंग और दस्तावेजों में बदलाव किए जाने की भी बात कही गई है। हालांकि, किसी उत्पाद का तीसरे देश से होकर गुजरना अपने आप में गैरकानूनी नहीं होता। उसकी वैधता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यापार, मूल देश की जानकारी, सीमा शुल्क और संबंधित प्रतिबंधों के नियमों का पालन किया गया है या नहीं। तीसरे देशों के जरिए व्यापार कैसे होता है? व्यापार के इस तरीके को समझने के लिए तीन प्रमुख चरण बताए जाते हैं: GTRI का अनुमान: अनौपचारिक व्यापार सालाना 10 अरब डॉलर से ज्यादा? थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के हवाले से दावा किया गया है कि तीसरे देशों के माध्यम से भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला अनौपचारिक व्यापार सालाना 10 अरब डॉलर यानी करीब ₹83,000 करोड़ से अधिक हो सकता है। यह आंकड़ा एक अनुमान है। इसे भारत-पाकिस्तान के बीच दर्ज आधिकारिक व्यापार के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। पाकिस्तानी उपभोक्ताओं को महंगा पड़ सकता है भारतीय सामान सीधे व्यापार के बजाय तीसरे देशों के जरिए सामान पहुंचाने पर परिवहन, भंडारण और अन्य कारोबारी खर्च बढ़ सकते हैं। ऐसे में भारतीय उत्पाद पाकिस्तानी उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर मिलने की संभावना रहती है। फिलहाल, भारत-पाकिस्तान के बीच प्रत्यक्ष व्यापार पर लगी रोक के बावजूद भारतीय सामान की मांग और तीसरे देशों के जरिए होने वाली आपूर्ति को लेकर व्यापारिक दावे चर्चा में हैं। इन दावों के वास्तविक पैमाने और संबंधित लेन-देन की वैधता का आकलन करने के लिए आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र पुष्टि की जरूरत है।
MLC Election Results 2026: यूपी, बिहार और कर्नाटक में BJP की बड़ी जीत

MLC Election Results 2026: यूपी, बिहार और कर्नाटक में BJP की बड़ी जीत

MLC Election Results 2026 के नतीजों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक से आए चुनावी नतीजों ने राजनीतिक दलों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन राज्यों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि बिहार में अनंत सिंह के भाई का तीसरे स्थान पर रहना चर्चा का विषय बन गया है। यूपी, बिहार और कर्नाटक में बीजेपी का प्रदर्शन विधान परिषद चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने कई सीटों पर अपनी मजबूत स्थिति दिखाई है। इन परिणामों को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला देखने को मिला, वहीं नतीजों के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं। बिहार में अनंत सिंह के भाई तीसरे नंबर पर बिहार के चुनावी नतीजों में अनंत सिंह के भाई का तीसरे स्थान पर रहना चर्चा में है। चुनाव में उम्मीदवारों के प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इस परिणाम का राज्य की राजनीति पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा। चुनावी नतीजों पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर चुनाव परिणाम किसी भी राजनीतिक दल के लिए जनता के रुख को समझने का एक अहम संकेत होते हैं। यूपी, बिहार और कर्नाटक के इन नतीजों के बाद राजनीतिक दल अपनी आगामी रणनीति पर ध्यान देंगे। खासकर बिहार में चुनावी प्रदर्शन को लेकर आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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