उज्जैन। सराफा बाजार स्थित खड़े हनुमान मंदिर को मार्ग चौड़ीकरण के दौरान यथास्थान बनाए रखने की मांग को लेकर बुधवार को सकल हिंदू समाज ने शक्ति प्रदर्शन किया। मंदिर से कंठाल चौराहे तक करीब एक किलोमीटर के क्षेत्र में हजारों श्रद्धालु जुटे। इस दौरान साधु-संतों ने भक्तों को मंदिर की प्रतिमा को उसी स्थान पर बनाए रखने और भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प दिलाया।
आयोजन में 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। इनमें साधु-संतों के साथ महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्रीराम के जयकारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात रही।
संतों ने दिलाई मंदिर को यथास्थान रखने की शपथ
कार्यक्रम के दौरान संतों ने श्रद्धालुओं को खड़े हनुमान सरकार की प्रतिमा को उसी स्थान पर स्थापित रखने की शपथ दिलाई। मंच से प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा गया कि प्रतिमा हटाने की कार्रवाई दिन में करके दिखाई जाए। संतों ने कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो अगली बार बड़ी संख्या में भक्तों को एकत्र किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रतिमा को यथास्थान बनाए रखने और उसी स्थान पर भव्य मंदिर बनाने का संकल्प लिया गया।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सर्व समाज की ओर से एसडीएम एलेन गर्ग को बाबा महाकालेश्वर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि मार्ग चौड़ीकरण के दौरान खड़े हनुमान मंदिर और प्रतिमा को किसी अन्य स्थान पर विस्थापित न किया जाए।
समाज के लोगों ने कहा कि प्रतिमा के आसपास की कुछ संरचनाएं चौड़ीकरण के लिए हटाई जा चुकी हैं, लेकिन प्रतिमा को हटाने के प्रयास सफल नहीं हुए। श्रद्धालुओं ने इसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग रखी।
विहिप ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद के महेश आंजना ने कहा कि पिछले 15 से 17 दिनों से खड़े हनुमानजी को हटाने की योजनाओं से जुड़ी जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि समाज की मांग है कि प्रतिमा को किसी अन्य स्थान पर न ले जाया जाए।
उन्होंने बताया कि बुधवार को हजारों लोग आस्था के समर्थन में जुटे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर संतों के नेतृत्व में विहिप और बजरंग दल आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने अगली बार 50 हजार लोगों के जुटने की बात कही।
पुजारी बोले- कार्रवाई करनी है तो दिन में करें
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने कहा कि खड़े हनुमान मंदिर को लेकर हिंदू समाज की भावनाएं प्रशासन तक पहुंचा दी गई हैं। उन्होंने मंदिर को यथास्थान बनाए रखने और प्रतिमा का सम्मान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन प्रतिमा हटाने का निर्णय लेता है तो कार्रवाई रात में नहीं, बल्कि दिन में की जाए। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों के विरोध और बलिदान की तैयारी से जुड़ी तीखी चेतावनी भी दी।
एसडीएम ने कहा- मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे
ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम एलेन गर्ग ने कहा कि बाबा महाकालेश्वर के नाम से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। प्रशासन समाज की मांग को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित मंच तक पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसकी जानकारी लोगों को दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

