हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम एक ढाई साल की बच्ची बंद पड़े बोरवेल में गिर गई। बोरवेल करीब 200 फीट गहरा बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें पहुंचीं। बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ट्रैक्टर पर खेलते समय फिसला पैर
जानकारी के मुताबिक, बच्ची की पहचान नेहा के रूप में हुई है। वह अन्य बच्चों के साथ बोरवेल के पास खेल रही थी। पास में खड़े ट्रैक्टर पर बच्चे चढ़कर खेल रहे थे। इसी दौरान नेहा का पैर फिसल गया और वह सीधे बोरवेल में जा गिरी।
बच्ची के गिरते ही वहां मौजूद बच्चों ने शोर मचाया। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार को सूचना दी।
बोरवेल में कैमरा डाला, रोने की आवाज सुनाई दी
हादसे की सूचना मिलने के बाद NDRF और SDRF की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। अंधेरा होने के कारण बोरवेल के आसपास रोशनी की व्यवस्था की गई है। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के अंदर कैमरा भी डाला है। कैमरे में अंदर कुछ पत्थर दिखाई दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही है। फिलहाल टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची कितनी गहराई पर फंसी हुई है।
पिता बोले- कई घंटे से अंदर है मेरी बच्ची
बच्ची के पिता रामदीन ने बताया कि बोरवेल करीब 10 से 15 साल से बंद था। कुछ दिन पहले उसका ढक्कन हट गया था। हादसे के वक्त वह काम पर गए हुए थे। ग्रामीणों ने उन्हें बेटी के बोरवेल में गिरने की जानकारी दी।
रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं और कई साल से सीही गांव में रहकर मजदूरी करते हैं। हादसे के बाद उनका परिवार बच्ची के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार कर रहा है।
नगर निगम का बताया जा रहा बोरवेल
बताया जा रहा है कि यह बोरवेल नगर निगम से संबंधित है। नगर निगम के XEN संजीव कुमार के अनुसार, बोरवेल को करीब 15 साल पहले बंद किया गया था और उस पर ढक्कन लगाया गया था। ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं दी गई थी। मामले की जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
अंबाला में भी बोरवेल में गिरा था बच्चा
इससे पहले 30 जून 2026 को अंबाला के धन्यौड़ा गांव में 4 साल का बच्चा 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसे बचाने के लिए करीब 21 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था।
फरीदाबाद में भी प्रशासन और बचाव दल बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।


