बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ में एक बार फिर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) बदल दिया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने 30 अक्टूबर 2026 को जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत प्रभारी CMO यशवंत देवांगन को उनके मूल पद लेखापाल पर नगर पालिका परिषद महासमुंद वापस भेज दिया है। वहीं, जफर खान को नगर पंचायत बिलाईगढ़ का नया CMO नियुक्त किया गया है।
विवादों में रहा यशवंत देवांगन का कार्यकाल
यशवंत देवांगन की बिलाईगढ़ में पदस्थापना के बाद से उनका कार्यकाल कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा। इससे पहले नगरवासियों के विरोध और आंदोलन के बाद तत्कालीन CMO सुशील चौधरी को यहां से हटाया गया था। उनके स्थान पर यशवंत देवांगन को प्रभारी CMO की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कार्यकाल के दौरान देवांगन पर छेड़छाड़ और लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगे थे। इस मामले में FIR दर्ज होने और उन्हें अग्रिम जमानत मिलने की जानकारी सामने आई थी। मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में है।
इसके बाद कथित फर्जी प्रस्ताव से जुड़े मामले में शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के खिलाफ यशवंत देवांगन ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जहां से उन्हें स्थगन मिला था।
शासन ने जारी किए दो अलग-अलग आदेश
शासन के ताजा आदेश क्रमांक ESTB/4020/2026-UAD के तहत यशवंत देवांगन को प्रभारी CMO के दायित्व से मुक्त कर उनके मूल पद लेखापाल पर नगर पालिका परिषद महासमुंद भेज दिया गया है।
वहीं, दूसरे आदेश क्रमांक ESTB/40209/2026-UAD/571743, दिनांक 30 अक्टूबर 2026 के अनुसार जफर खान, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ‘क’ वर्ग को विभागीय जांच जारी रखते हुए निलंबन से बहाल किया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रशासनिक दृष्टिकोण से नगर पंचायत बिलाईगढ़ में पदस्थ किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनके विरुद्ध विभागीय जांच जारी रहेगी।
CMO के लगातार बदलाव से प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल
नगर पंचायत बिलाईगढ़ में पिछले कुछ समय से CMO की कुर्सी लगातार बदलती रही है। पहले सुशील चौधरी को हटाया गया, फिर यशवंत देवांगन को प्रभारी CMO बनाया गया और अब उनकी जगह जफर खान की नियुक्ति की गई है।
लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल के बीच नगर के विकास कार्यों, लंबित योजनाओं और आम नागरिकों से जुड़े कामकाज की निरंतरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब नए CMO जफर खान के कार्यभार संभालने के बाद नगरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नगर पंचायत में प्रशासनिक स्थिरता आती है या बदलाव का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।

