राजा रघुवंशी मर्डर केस की जांच में जुटी मेघालय पुलिस बुधवार, 25 जून को 9 दिन की छानबीन के बाद इंदौर से शिलॉन्ग लौट गई। पुलिस अपने साथ तीन अहम लोगों को भी लेकर गई है— बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर, ब्रोकर-कॉन्ट्रैक्टर शिलोम जेम्स और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर अहिरवार। ये वही बिल्डिंग है जिसमें मर्डर की मुख्य आरोपी सोनम ने शिलॉन्ग से लौटकर ठिकाना बनाया था।
अब होगा आरोपियों का आमना-सामना
पुलिस इन तीनों का आमना-सामना अब मुख्य आरोपियों विशाल चौहान और राज कुशवाह से करवाएगी। इससे पहले पुलिस ने शिलोम जेम्स की निशानदेही पर एक पिस्टल, दो मैगजीन, दो कारतूस और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। ये सभी चीजें सोनम के काले बैग में थीं।
जिस फ्लैट में सोनम छुपी थी, उसका राज़ खुला
पुलिस जांच में सामने आया कि सोनम ने जिस फ्लैट में शरण ली थी, वह लोकेंद्र सिंह तोमर का था जिसे शिलोम जेम्स ने चार महीने पहले किराए पर लिया था। बलवीर अहिरवार वहां गार्ड और कारपेंटर का काम करता था। शिलोम को शक हुआ जब मीडिया में राजा रघुवंशी मर्डर की खबरें आईं। विशाल चौहान द्वारा लिए गए उसी फ्लैट में सोनम के रुकने की जानकारी के बाद उसने ये बात लोकेंद्र को बताई।
सबूत मिटाने की साजिश
लोकेंद्र ने फ्लैट की तलाशी के बाद सोनम का बैग हटाने और बाद में खुद इंदौर आकर पिस्तौल और रुपये लेकर चला जाने की बात कबूली। उसी के कहने पर शिलोम ने बैग जला दिया। इस सबके चलते पुलिस ने इन तीनों पर सबूत मिटाने और छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया है।
लोकेंद्र और शिलोम का आमना-सामना
ग्वालियर से पकड़े गए लोकेंद्र सिंह तोमर को इंदौर लाकर शिलोम के सामने बिठाया गया। लोकेंद्र ने पिस्तौल रखने से इनकार किया, लेकिन शिलोम ने माना कि उसने ही इंडस्ट्री हाउस के पास पिस्टल फेंकी थी। इसके बाद पुलिस उसे घटनास्थल पर ले गई और करीब 3 घंटे की खोजबीन के बाद एक थैली में पिस्टल बरामद कर ली। हालांकि, सोनम का लैपटॉप अब तक नहीं मिल पाया है।
लोकेंद्र की कार से मिले ₹50 हजार
लोकेंद्र की कार की तलाशी में डिक्की से 50 हजार रुपये बरामद हुए हैं। वहीं शिलोम ने स्वीकारा कि ये पैसे उन्होंने आपस में बांट लिए थे। पुलिस ने शिलोम के परिवार से भी लंबी पूछताछ की।
सोनम-राज का रिश्ता और मर्डर की प्लानिंग
पूछताछ में सोनम और राज कुशवाह ने पहली बार माना कि वे रिलेशनशिप में थे। शिलॉन्ग एसपी विवेक स्येम ने बताया कि दोनों ने कबूल किया है कि उन्होंने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। एसपी ने कहा, “हमें नार्को टेस्ट की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत हैं।”

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