कनाडा (Canada) का सबसे चर्चित प्रांत Alberta इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खड़ा है। यहां कनाडा से अलग होकर स्वतंत्र देश बनाने की मांग तेजी पकड़ती दिखाई दे रही है। अलगाववादी संगठनों ने दावा किया है कि उन्होंने जनमत संग्रह (Referendum) के समर्थन में 3 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर 2026 में इस मुद्दे पर ऐतिहासिक Voting हो सकती है।
यह मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कनाडा की एकता, अर्थव्यवस्था और भविष्य की राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
3 लाख से ज्यादा लोगों ने दिया समर्थन
Alberta में सक्रिय अलगाववादी संगठन “Stay Free Alberta” ने चुनाव अधिकारियों को करीब 3.02 लाख हस्ताक्षर सौंपे हैं। नियमों के अनुसार जनमत संग्रह शुरू कराने के लिए लगभग 1.78 लाख वैध हस्ताक्षरों की जरूरत थी। ऐसे में तय संख्या से कहीं ज्यादा समर्थन मिलने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है।
संगठन का कहना है कि Alberta के लोगों को अपने संसाधनों, टैक्स और आर्थिक नीतियों पर खुद नियंत्रण मिलना चाहिए।
आखिर क्यों बढ़ रही है अलग देश की मांग?
Alberta को कनाडा का ऊर्जा केंद्र माना जाता है। यहां तेल और गैस का विशाल भंडार है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलता है। लेकिन कई स्थानीय लोग और नेता मानते हैं कि संघीय सरकार की नीतियां Alberta के उद्योगों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
लोगों का आरोप है कि Ottawa की सरकार पर्यावरण नियमों और टैक्स नीतियों के जरिए Alberta के तेल कारोबार पर लगातार दबाव बना रही है। इसी नाराजगी को “Western Alienation” कहा जाता है, जो पिछले कई वर्षों से यहां की राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है।
अक्टूबर में हो सकती है बड़ी Voting
Alberta की प्रीमियर Danielle Smith ने कहा है कि यदि हस्ताक्षर वैध पाए जाते हैं तो सरकार जनमत संग्रह की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अक्टूबर 2026 में वोटिंग कराई जा सकती है।
हालांकि Danielle Smith खुद कनाडा से अलग होने के समर्थन में खुलकर नहीं दिखतीं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया है कि जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
कोर्ट पहुंचा मामला, बढ़ सकती है कानूनी लड़ाई
इस विवाद ने अब कानूनी रूप भी ले लिया है। कई Indigenous यानी मूल निवासी समुदायों ने अदालत में याचिका दायर कर कहा है कि Alberta का अलग होना पुराने संवैधानिक समझौतों और संधि अधिकारों का उल्लंघन होगा।
कोर्ट अब हस्ताक्षरों की जांच और पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। आने वाले समय में यह मामला कनाडा की सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच सकता है।
क्या सच में अलग हो सकता है Alberta?
राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक अभी Alberta में पूरी तरह अलग देश बनने के समर्थन में बहुमत नहीं दिख रहा है। कई सर्वे में 30% से कम लोग अलगाव के पक्ष में नजर आए हैं। लेकिन 3 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर यह जरूर बताते हैं कि लोगों के बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
अगर जनमत संग्रह होता है, तो यह कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ साबित हो सकता है। पूरी दुनिया की नजर अब Alberta और कनाडा सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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