भोपाल में आयोजित ‘सुकून-ए म्यूजिकल ईवनिंग’ में पुराने फिल्मी गीतों और गज़लों की शानदार प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भोपाल शहर के संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम उस वक्त बनी, जब “ख्याल कलाप्रेमियों का” द्वारा आयोजित ‘सुकून-ए म्यूजिकल ईवनिंग’ में पुराने सदाबहार गीतों और गज़लों की शानदार प्रस्तुतियों ने माहौल को सुरमयी बना दिया।
कार्यक्रम में गायिका Nidhi Sarolkar Parakhi और Shreya Dhanorkar ने अपनी मधुर आवाज़ से श्रोताओं को भावनाओं और संगीत के खूबसूरत सफर पर ले गए। शाम की शुरुआत मशहूर गीत “नाम गुम जाएगा…” से हुई, जिसने शुरुआत से ही दर्शकों का दिल जीत लिया।
इसके बाद “तू है तो दिल धड़कता है”, “हम तेरे प्यार में”, “एहसान तेरा होगा मुझ पर”, “जब दीप जले आना” और “मेरा साया साथ होगा” जैसे सदाबहार गीतों ने पूरे माहौल को भावुक और रोमांटिक बना दिया।
कार्यक्रम में गज़लों और फिल्मी गीतों का भी शानदार संगम देखने को मिला। “आपकी आंखों में कुछ”, “सलोना सा सजन”, “इन आंखों की मस्ती”, “पिया तोसे” और “आज जाने की जिद न करो” जैसी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
शाम का समापन मराठी गीत “बहरला हा मधुमास” से हुआ, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
वाद्य संगीत में भी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। कीबोर्ड पर Karan Murjani, तबले पर Swapnil Bagul और गिटार पर Swapnil Pradhan ने सुरों का बेहतरीन साथ निभाया। कार्यक्रम का संचालन Sanjay Khare ने किया।
भोपाल में लगातार हो रहे ऐसे सांस्कृतिक आयोजन यह साबित कर रहे हैं कि शहर में संगीत और कला के प्रति लोगों का जुड़ाव लगातार मजबूत हो रहा है।

