भारतीय शेयर बाजार इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों यानी FII (Foreign Institutional Investors) की लगातार बिकवाली मानी जा रही है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाल ली है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन बड़े कारण हैं। इनमें भारतीय बाजार का महंगा वैल्यूएशन, अमेरिका की ब्याज दरें और STT से जुड़े नए नियम सबसे अहम माने जा रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार बाजार को राहत देने के लिए STT पर अपना फैसला बदल सकती है?
Indian Stock Market क्यों लग रहा महंगा?
पिछले कुछ सालों में भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन इसी तेजी के कारण अब भारतीय बाजार का वैल्यूएशन काफी ऊपर पहुंच गया है। कई विदेशी निवेशकों को लगता है कि मौजूदा स्तर पर भारतीय बाजार में निवेश करना ज्यादा फायदे का सौदा नहीं है।
यही वजह है कि FIIs अब चीन, ब्राजील और दूसरे एशियाई बाजारों की तरफ रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें कम कीमत पर बेहतर अवसर दिखाई दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।
US Interest Rate और Strong Dollar ने बढ़ाया दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति भी भारतीय बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे वहां के बॉन्ड और डॉलर आधारित निवेश ज्यादा आकर्षक हो गए हैं।
ऐसे में विदेशी निवेशक जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका जैसे सुरक्षित बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसका असर भारतीय रुपये पर भी पड़ा है और डॉलर के मुकाबले रुपया दबाव में नजर आ रहा है।
STT और F&O Rules से क्यों नाराज हैं Investors?
Budget 2026 में सरकार ने Futures & Options ट्रेडिंग पर STT यानी Securities Transaction Tax बढ़ाने का फैसला लिया था। इसके बाद बाजार में काफी हलचल देखने को मिली।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि STT बढ़ने से ट्रेडिंग कॉस्ट ज्यादा हो गई है। इससे विदेशी निवेशकों के साथ-साथ बड़े ट्रेडर्स की दिलचस्पी भी कम हुई है। कई ब्रोकरेज कंपनियों ने सरकार से STT नियमों पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
क्या सरकार ले सकती है U-Turn?
अब बाजार में चर्चा तेज हो गई है कि सरकार निवेशकों को राहत देने के लिए STT पर यू-टर्न ले सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर टैक्स नियमों में राहत दी जाती है तो विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर से लौट सकता है।
घरेलू निवेशक बने बाजार का सहारा
एक तरफ जहां विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू निवेशक बाजार को संभाले हुए हैं। SIP और म्यूचुअल फंड निवेश के जरिए भारतीय निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार में बना हुआ है।
यही वजह है कि भारी विदेशी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली। हालांकि आने वाले महीनों में वैश्विक संकेत और सरकारी फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे।
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