West Bengal में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोपों ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। कई जगहों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले लोगों से पैसे वसूले। अब मामला सामने आने के बाद कुछ नेता लोगों को पैसे वापस लौटाते नजर आ रहे हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा नादिया जिले की हो रही है, जहां महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि योजना की सूची में 173 पुरुषों के नाम शामिल कर दिए गए थे। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर महिलाओं की योजना में पुरुषों को लाभ कैसे मिल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना का फायदा पाने के लिए कई गरीब परिवारों से पैसे मांगे गए थे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बिना घूस दिए उनका नाम सूची में नहीं जोड़ा गया। अब जब मामला सार्वजनिक हुआ तो कई TMC नेता और स्थानीय कार्यकर्ता लोगों को पैसे लौटाने लगे हैं।
गांव के लोगों में इस मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार गरीबों और महिलाओं के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन बीच में बैठे कुछ लोग उसका गलत फायदा उठाकर आम जनता का भरोसा तोड़ रहे हैं। कई महिलाओं ने कहा कि उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला, जबकि अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल कर दिए गए।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी और अन्य दलों का आरोप है कि बंगाल में सरकारी योजनाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं TMC की ओर से कहा गया है कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीब और जरूरतमंद लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा अन्याय न हो।
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