पाकिस्तान के कई संवेदनशील इलाकों — खासकर PoK, वजीरिस्तान और बलूचिस्तान — में हाल के दिनों में तनाव और विरोध की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। रिपोर्ट्स में पाकिस्तान सेना और सेना प्रमुख Asim Munir की नीतियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया दस्तावेजों में दावा किया गया है कि PoK में प्रदर्शन और सेना की कार्रवाई के दौरान कई नागरिक प्रभावित हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया हिंसा में बच्चों और महिलाओं की मौत के आरोप भी लगाए गए हैं।
वहीं बलूचिस्तान में भी लंबे समय से सुरक्षा अभियान और अलगाववादी हिंसा को लेकर तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान सेना लगातार आतंकवाद विरोधी अभियानों की बात कर रही है, जबकि दूसरी तरफ मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय समूहों की ओर से कार्रवाई पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय आंतरिक सुरक्षा, आर्थिक संकट और राजनीतिक दबाव जैसी कई चुनौतियों से जूझ रहा है। इसी बीच सेना की भूमिका और सरकार की नीतियों को लेकर बहस और तेज हो गई है।
हालांकि पाकिस्तान सरकार और सेना की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग-अलग समय पर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का पक्ष रखा गया है। फिलहाल पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।
