पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सुष्मिता देव (Sushmita Dev) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने न सिर्फ पार्टी के भीतर चल रही खींचतान की चर्चाओं को हवा दी है, बल्कि विपक्ष को भी TMC पर हमला बोलने का मौका दे दिया है।
बीते कुछ दिनों से पार्टी के अंदर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। ऐसे में सुष्मिता देव का इस्तीफा TMC के लिए एक बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
लगातार इस्तीफों से बढ़ी TMC की परेशानी
सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय भी TMC से दूरी बना चुके हैं। एक हफ्ते के भीतर दो बड़े नेताओं का पार्टी छोड़ना ममता बनर्जी के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव और संगठनात्मक बदलावों के बाद पार्टी के अंदर कई नेताओं में नाराजगी बढ़ी है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है।
कांग्रेस से TMC तक का सफर
सुष्मिता देव लंबे समय तक कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रही हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी हैं और असम की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। साल 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर TMC जॉइन की थी।
पार्टी ने उन्हें पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी भी दी थी। राज्यसभा में भी वह TMC की सक्रिय और मुखर सांसदों में शामिल थीं।
इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?
हालांकि सुष्मिता देव ने अपने इस्तीफे की स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर बढ़ती गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर असहमति इसके पीछे की बड़ी वजह हो सकती है।
कुछ राजनीतिक जानकार इसे आने वाले समय में TMC के अंदर बड़े बदलावों का संकेत भी मान रहे हैं।
विपक्ष को मिला हमला बोलने का मौका
सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने TMC पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा और यही वजह है कि नेता लगातार किनारा कर रहे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सुष्मिता देव आगे कौन-सा राजनीतिक कदम उठाती हैं और TMC इस बढ़ते संकट से कैसे निपटती है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
सुष्मिता देव का इस्तीफा सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर से जोड़कर भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा चर्चा में रह सकता है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
