पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत की खबरों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। कथित “TMC Rebel List” सामने आने के बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें अभिनेत्री और सांसद सयानी घोष, वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है।
दिलचस्प बात यह है कि लिस्ट सामने आने के 24 घंटे बाद भी इन तीनों नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। न किसी ने इन खबरों का खंडन किया और न ही खुलकर समर्थन में कुछ कहा। यही चुप्पी अब बंगाल की राजनीति में नए सवाल खड़े कर रही है।
19 सांसदों के अलग गुट बनाने की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC के करीब 19 सांसदों के एक अलग गुट में शामिल होने की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि यह गुट पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहा है और भविष्य की रणनीति पर लगातार बैठकें कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ नेता NDA के संपर्क में हैं, हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि बागी गुट दल-बदल कानून से बचने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगा है। अगर ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।
इन बड़े नेताओं के नाम आए सामने
कथित बागी सांसदों की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष, यूसुफ पठान, माला रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और दीपक अधिकारी जैसे नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन नामों के सामने आने के बाद TMC समर्थकों के बीच भी बेचैनी बढ़ गई है।
हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस पूरी लिस्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को लेकर TMC पर निशाना साध रहे हैं।
TMC के भीतर बढ़ रही नाराजगी?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा था। कई नेताओं को संगठन और फैसलों में अपनी अनदेखी महसूस हो रही थी। ऐसे में अब बगावत की खबरों ने उन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
इसी बीच कुछ नेताओं के इस्तीफे और दिल्ली में हुई राजनीतिक बैठकों ने भी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि TMC नेतृत्व लगातार पार्टी में सब कुछ सामान्य होने का दावा कर रहा है।
तीन चेहरों की चुप्पी बनी सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष और यूसुफ पठान की चुप्पी को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ये तीनों नेता अब तक सामने क्यों नहीं आए।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में इन नेताओं का बयान बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर बगावत की खबरें सही साबित होती हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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