नई दिल्ली। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पांचवां पदक जीत लिया है। भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वेटलिफ्टिंग में भारत का यह चौथा और कुल मिलाकर पांचवां मेडल हो गया है।
नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने कुल 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ और गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता।
स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड
23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने क्रमशः 103, 107 और 111 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाए। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया, हालांकि डिडीह के रिकॉर्ड प्रदर्शन के सामने उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
मेडल टैली में भारत आठवें स्थान पर
ज्ञानेश्वरी के सिल्वर के बाद भारत अब मेडल टैली में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 17 स्वर्ण सहित 39 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है।
मीराबाई चानू ने दिलाया पहला गोल्ड
इससे पहले मीराबाई चानू ने महिला 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम (85+105) वजन उठाकर भारत को प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और राजा मुथुपांडी (65 किग्रा) सिल्वर मेडल जीत चुके हैं, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल किया।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उन्हें खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हुए ज्ञानेश्वरी ने जूनियर स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कीं और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में भी उन्होंने स्नैच में सिल्वर और कुल प्रदर्शन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
बॉक्सिंग में भारत की मजबूत शुरुआत
भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा।
वहीं अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई।
एथलेटिक्स और स्विमिंग में भी उम्मीदें कायम
एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। लोकेश सत्यानाथन ने भी 7.77 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई।
स्विमिंग में साजन प्रकाश पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंच गए, जबकि तेजस शिर्से ने 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में जगह बनाई।

जिम्नास्टिक्स में पदक से चूकीं प्रतिष्ठा
महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता 12.883 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। वहीं भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकालने के बावजूद सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके।
आज इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजर
आज महिला 58 किलोग्राम भारोत्तोलन फाइनल में बिंद्यारानी देवी और पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग में वी. अजया बाबू भारत के लिए पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे। वहीं हाई जंप फाइनल में तेजस्विन शंकर, सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम से भी देश को बड़ी उम्मीदें हैं।

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