इटावा। इटावा क्षेत्र के रामपुरिया गांव में एक बार फिर मगरमच्छ के घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह गांव की बस्ती में करीब 5 फीट लंबे और 40 से 45 किलोग्राम वजनी मगरमच्छ के दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और समाजसेवी हयात खान टाइगर को सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ को पकड़कर चंबल नदी में छोड़ दिया।
तीन दिन में दूसरी बार गांव पहुंचा मगरमच्छ
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूरी पर चंबल नदी बहती है। इसके अलावा गांव के पास एक तलाई भी है, जिसमें सालभर पानी भरा रहता है। माना जा रहा है कि इन्हीं जल स्रोतों के कारण मगरमच्छ अक्सर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं।
गांव वालों ने बताया कि दो दिन पहले भी एक मगरमच्छ गांव के एक घर में घुस गया था। उस समय भी उसका सफल रेस्क्यू कर चंबल नदी में छोड़ा गया था। पहले पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब साढ़े तीन फीट थी।
मुंह पर टेप और पैरों को बांधकर किया सुरक्षित रेस्क्यू
समाजसेवी हयात खान टाइगर ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले मगरमच्छ के मुंह को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उस पर टेप लगाई गई। इसके बाद आगे और पीछे के पैरों को रस्सी से बांधा गया तथा उसकी पूंछ को भी नियंत्रित किया गया। पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक पूरी करने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ दिया गया।
वन विभाग और स्थानीय लोगों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में भी कोई वन्यजीव गांव में दिखाई दे तो उसे पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

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