Shaheed Air Force Officer Case : असम में हुए एयरफोर्स विमान हादसे में जान गंवाने वाले एक शहीद अधिकारी के परिवार में अब आर्थिक सहायता राशि को लेकर विवाद सामने आया है। शहीद की पत्नी को ₹21 लाख की सहायता राशि मिलने के बाद उनके माता-पिता ने नाराजगी जाहिर की है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, असम में एयरफोर्स के विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से अधिकारी की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसी क्रम में शहीद की पत्नी को ₹21 लाख की सहायता राशि दी गई।
हालांकि, इस फैसले पर शहीद के माता-पिता ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उनके बेटे ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध कोर्ट मैरिज की थी और उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
माता-पिता ने लगाए आरोप
शहीद के माता-पिता का आरोप है कि उनके बेटे को बहलाकर और प्रभावित करके कोर्ट मैरिज कराई गई थी। उन्होंने कहा कि परिवार को इस विवाह से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी बाद में मिली। इसी वजह से वे सहायता राशि के वितरण को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
पत्नी का पक्ष भी महत्वपूर्ण
दूसरी ओर, कानूनी रूप से पत्नी को मृतक की निकटतम परिजन (Next of Kin) माना जाता है। ऐसे मामलों में सरकारी नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर सहायता राशि तथा अन्य लाभों का वितरण किया जाता है।
प्रशासन और कानूनी प्रक्रिया पर नजर
मामला सामने आने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर है। यदि परिवार की ओर से कोई औपचारिक शिकायत या कानूनी चुनौती दी जाती है, तो आगे की प्रक्रिया अदालत या संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार तय हो सकती है।




