देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 20 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर, मानसून की रफ्तार पिछले 13 दिनों से तेलंगाना के आसपास थमी हुई है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में लोगों को अब भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आठ राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
20 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में अगले 24 से 72 घंटों के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
Telangana में थमा Monsoon, कई राज्यों में बढ़ा इंतजार
आमतौर पर जून के तीसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले करीब 13 दिनों से मानसून तेलंगाना के आसपास ही सक्रिय बना हुआ है और आगे नहीं बढ़ पाया है।
इसका सीधा असर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में अनुकूल परिस्थितियां बनते ही मानसून दोबारा तेजी पकड़ सकता है।
8 राज्यों में Heatwave जैसे हालात
बारिश में देरी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। देश के आठ राज्यों में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून सक्रिय नहीं होता, तब तक इन इलाकों में गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है।
MP और Rajasthan को जल्द मिल सकती है राहत
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अगले कुछ दिनों के भीतर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि अनुमान सही साबित होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी।
बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए भी यह अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है।
खेती पर भी पड़ रहा असर
मानसून की धीमी चाल ने खेती-किसानी की रफ्तार को भी प्रभावित किया है। कई जिलों में किसान खेत तैयार करके बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा होने के बाद ही धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तेज होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। भारी बारिश वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। वहीं जिन क्षेत्रों में गर्मी का असर बना हुआ है, वहां पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के कपड़े पहनें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसके बाद मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी और खरीफ सीजन की गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
