पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बार मामला सीधे EVM और VVPAT सुरक्षा से जुड़ा है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कोलकाता की Bhabanipur विधानसभा सीट से जुड़े सभी EVM और VVPAT मशीनों को पूरी सुरक्षा के साथ स्ट्रांग रूम में रखा जाए।
यह सीट पहले भी राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक गतिविधियों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहती है।
कोर्ट का सख्त रुख
Calcutta High Court ने साफ कहा है कि EVM-VVPAT मशीनों को सुरक्षित रखा जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी जांच भी की जा सकती है। अदालत का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में नया मोड़
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी क्षेत्र में हुए चुनाव में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को लगभग 15,000 वोटों से जीत मिली थी। हालांकि इसके बाद यह सीट लगातार राजनीतिक बयानबाज़ी और विवादों का हिस्सा बनी रही।
विपक्षी दल लंबे समय से EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग और अदालतें लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।
क्या है आगे की तस्वीर?
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद Bhabanipur सीट और पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में यह मामला और भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है कि क्या इससे चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई ठोस असर पड़ेगा।
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