मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि यदि वे चाहते तो सिर्फ एक सैन्य हमले में ईरान की पूरी शीर्ष नेतृत्व (Leadership) को खत्म किया जा सकता था। ट्रम्प के इस बयान के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “तुम्हारे पास न सभ्यता है और न ही सम्मान।”
इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों की मौजूदगी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ट्रम्प का बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के पास इतनी सैन्य ताकत है कि जरूरत पड़ने पर ईरान की शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में खत्म किया जा सकता था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कदम नहीं उठाया गया।
ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है और इसे अमेरिका-ईरान रिश्तों में बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है।
ईरान का पलटवार
ट्रम्प के बयान पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ऐसे बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और इससे क्षेत्र में शांति प्रभावित होती है।
ईरान की ओर से कहा गया कि “तुम्हारे पास न सभ्यता है, न सम्मान और न ही अंतरराष्ट्रीय मूल्यों की समझ।” तेहरान ने अमेरिका पर तनाव बढ़ाने का आरोप भी लगाया।
खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों की भीड़
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देशभर से लाखों लोग पहुंचे। राजधानी तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने अपने नेता को अंतिम विदाई दी और कई स्थानों पर शोक सभाएं भी आयोजित की गईं।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे कार्यक्रम पर दुनिया की नजर बनी रही।
दुनिया की बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प के बयान और ईरान की प्रतिक्रिया के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। पहले से ही मध्य पूर्व कई संघर्षों का सामना कर रहा है, ऐसे में दोनों देशों की ओर से आने वाले बयान वैश्विक राजनीति पर असर डाल सकते हैं।

