ब्रिक्स (BRICS) देशों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और उससे जुड़े संगठित अपराधों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। सदस्य देशों ने Guwahati Declaration (गुवाहाटी घोषणा-पत्र) को अपनाते हुए ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर संयुक्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया।
इस घोषणा-पत्र का उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सीमा पार होने वाले अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाना है।
क्या है Guwahati Declaration?
गुवाहाटी घोषणा-पत्र में ब्रिक्स देशों ने यह माना कि ड्रग तस्करी अब केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक चुनौती बन चुकी है। इससे आतंकवाद, संगठित अपराध और अवैध वित्तीय गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
इसी वजह से सभी सदस्य देशों ने मिलकर साझा रणनीति अपनाने पर सहमति जताई।
क्या बनी साझा रणनीति?
घोषणा-पत्र के तहत कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है—
- नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई को मजबूत किया जाएगा।
- सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी (Intelligence) का तेजी से आदान-प्रदान होगा।
- सीमा पार ड्रग नेटवर्क और संगठित अपराध पर संयुक्त निगरानी बढ़ाई जाएगी।
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
- नई तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ड्रग तस्करी के नेटवर्क की पहचान की जाएगी।
- मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।
