मुंबई। देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22.40% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 26,994 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 23% की बढ़ोतरी हुई है। पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस का शुद्ध लाभ 16,971 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू में 25% की मजबूत बढ़त
रिलायंस का कुल कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2.48 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी के रेवेन्यू में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई।

जियो का प्रदर्शन मजबूत
रिलायंस जियो ने पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया।
- शुद्ध लाभ 9.2% बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा।
- रेवेन्यू 12% बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये पहुंचा।
- प्रति ग्राहक औसत आय (ARPU) बढ़कर 215.6 रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष 208.8 रुपये थी।
कंपनी ने बताया कि 5G नेटवर्क विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी है। हालांकि, 5G एसेट्स के कैपिटलाइजेशन के कारण ब्याज और डेप्रिसिएशन खर्च बढ़ने से मुनाफे की वृद्धि सीमित रही।
अन्य कारोबारों में भी बढ़ी आय
रिलायंस के अन्य प्रमुख बिजनेस सेगमेंट्स का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा।
- ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C): रेवेन्यू 30% बढ़कर 2.01 लाख करोड़ रुपये।
- ऑयल एंड गैस: रेवेन्यू 3% बढ़कर 6,298 करोड़ रुपये।
- रिटेल बिजनेस: रेवेन्यू 7% बढ़कर 90,409 करोड़ रुपये।
- डिजिटल सर्विसेज: रेवेन्यू 12% बढ़कर 46,900 करोड़ रुपये।
- अन्य कारोबार: रेवेन्यू 69% बढ़कर 31,204 करोड़ रुपये।
शेयर बाजार में प्रदर्शन
तिमाही नतीजों से पहले शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.48% बढ़कर 1,328 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, वर्ष 2026 में अब तक कंपनी के शेयर में लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 17.95 लाख करोड़ रुपये है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रिलायंस के तिमाही नतीजों का असर सीधे तौर पर उपभोक्ताओं और निवेशकों पर भी देखने को मिल सकता है।
- जियो यूजर्स को बेहतर 5G नेटवर्क और तेज इंटरनेट सेवाएं मिलने की संभावना है।
- जियो एयरफाइबर का विस्तार होने से अधिक इलाकों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड उपलब्ध होगा।
- रिलायंस रिटेल नए स्टोर और किफायती उत्पादों के जरिए ग्राहकों को अधिक विकल्प दे सकती है।
- ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर निवेश बढ़ने से भविष्य में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
- रिफाइनरी कारोबार मजबूत रहने से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
- कंपनी के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की संभावना है।
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कहना है कि वह डिजिटल सेवाओं, रिटेल, ऊर्जा और नई तकनीकों में निवेश जारी रखेगी, जिससे आने वाले समय में विकास की गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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