देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन रोकने के लिए मेट्रो सेवाओं से लेकर इंटरनेट, सड़कें, बाजार और खाने-पीने की सुविधाओं तक पर पाबंदियां लगा दीं, लेकिन जिस मुद्दे पर छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, यानी पेपर लीक, उसे रोकने में अब तक सफलता नहीं मिली।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहता है। उनके मुताबिक, अगर सरकार विरोध को नियंत्रित करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देती, तो बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती थी।
‘युवाओं की आवाज दबाने से समस्या खत्म नहीं होगी’
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुईं, कई इलाकों में इंटरनेट बंद किया गया, रास्तों पर आवाजाही सीमित रही और बाजारों पर भी इसका असर देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों के बावजूद सरकार उस मूल समस्या पर नियंत्रण नहीं कर सकी, जिसके खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग की कि सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उनका कहना था कि केवल आश्वासन देने से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा की गोपनीयता से समझौता न हो।
देशभर में जारी है विरोध
पेपर लीक के मुद्दे पर कई राज्यों में छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का विरोध जारी है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, इस पूरे विवाद ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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