मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सरकारी मूंग के भंडारण में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सरकारी मूंग की बोरियों में मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ मिलाए जाने का मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में शासन को करीब 28.14 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
जांच में मिट्टी से भरी मिलीं बोरियां
माखननगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग की शिकायत मिलने पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर 22 जुलाई को गठित जांच दल ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वेयरहाउस में रखे 23 स्टैक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक मिट्टी और अन्य बाहरी पदार्थ पाए गए, जबकि कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी हुई थीं।
मामला सामने आने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया और स्टॉक के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
31 हजार क्विंटल से अधिक सरकारी मूंग प्रभावित
जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड और नाफेड की करीब 31,298.89 क्विंटल सरकारी मूंग में मिलावट की गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इससे शासन को लगभग 28.14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
जिला प्रबंधक समेत तीन लोगों पर FIR
जांच रिपोर्ट के आधार पर कनकधारा वेयरहाउस के संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम होसले और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे को लापरवाही और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का जिम्मेदार माना गया है।
जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की शिकायत पर माखननगर थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पहले भी ब्लैकलिस्ट हो चुका था वेयरहाउस
जांच में यह भी सामने आया कि जिस कनकधारा वेयरहाउस में यह गड़बड़ी मिली, उसे लगभग एक वर्ष पहले भी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया था। उस समय जांच समिति में जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी शामिल थे। इसके बावजूद दोबारा सरकारी मूंग के भंडारण में गंभीर गड़बड़ी सामने आने से निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच
एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के अन्य वेयरहाउसों का भी चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण और जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके।
आरोपी वेयरहाउस संचालक अस्पताल में भर्ती
एफआईआर में नामजद वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित फिलहाल एक निजी हार्ट केयर अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार वे पिछले तीन दिनों से उपचाराधीन हैं।
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