बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की खराब हालत को लेकर 27 से अधिक विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की। कर्मचारियों ने भवन में पानी रिसाव, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 1959 में निर्मित यह सरकारी भवन लंबे समय से उचित रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से नई कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण की मांग भी रखी।
कलेक्टर ने PWD अधिकारियों को दिए निर्देश
कर्मचारियों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर भवन की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों ने भवन की आंशिक मरम्मत, रंग-रोगन, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, पुरुष और महिला शौचालयों के जीर्णोद्धार, नया ट्रांसफार्मर लगाने और नई विद्युत लाइन की व्यवस्था करने की मांग की।
बारिश के बाद बढ़ी सीपेज की समस्या
हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में कई स्थानों पर सीपेज की समस्या बढ़ गई है। कई कार्यालयों में पानी भरने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति में काम करना मुश्किल हो रहा है और जल्द स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
सितंबर से शुरू हो सकते हैं रखरखाव कार्य
कलेक्टर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सितंबर से पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में आवश्यक रखरखाव कार्य शुरू करने की प्रक्रिया की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में सुनील यादव, आर.के. गुप्ता, सूर्यप्रकाश कश्यप, राहुल यादव, देवेंद्र ठाकुर, किशोर शर्मा, जियाली राम सुरक्षित, एच.एन. पुरैना, डी.के. पाटिल, मनीष रात्रे, श्वेता दुबे और मीनू अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।

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