भोपाल: राजधानी भोपाल के एक रिहायशी इलाके में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी सामने आई है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में लगातार मॉल और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पहले जिस इलाके में शांत माहौल और सामान्य आवाजाही रहती थी, वहां अब लोगों की भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इसका असर खासतौर पर सड़क पर आने-जाने और पार्किंग व्यवस्था पर पड़ रहा है।
लोगों ने बताई अपनी परेशानी
इलाके के रहवासियों का कहना है कि बढ़ती भीड़ के कारण कई बार घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम जैसी स्थिति बनती है और पार्किंग की समस्या भी लगातार सामने आती है।
लोगों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से उनकी निजी जिंदगी और आसपास के माहौल पर असर पड़ा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से देखे और नियमों के मुताबिक कार्रवाई करे।
मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट तक
भोपाल के इस इलाके में रिहायशी क्षेत्र और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट के आदेश के बाद इस इलाके को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अदालत और प्रशासन के स्तर पर लिए जा रहे फैसलों से उनकी समस्याओं का समाधान निकलेगा। लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ रहवासियों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।



