भोपाल: राजधानी भोपाल में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अपने माइक्रो बीट सिस्टम को और मजबूत करने जा रही है। इसके तहत पुलिस के साथ जुड़े कुछ गोपनीय नागरिक अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगे।
इस व्यवस्था का मकसद यह पता लगाना है कि शहर के किन इलाकों में अपराध पनप रहा है और वहां किस तरह की गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी से अपराध की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
क्या है Micro Beat System?
माइक्रो बीट सिस्टम के तहत पुलिस अपने क्षेत्र को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर वहां की गतिविधियों पर नजर रखती है। संबंधित पुलिसकर्मी अपने इलाके के लोगों और स्थानीय परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश करते हैं।
इससे पुलिस को किसी इलाके में होने वाले बदलाव, संदिग्ध गतिविधियों और अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी समय रहते मिल सकती है।
गोपनीय नागरिक देंगे पुलिस को जानकारी
इस व्यवस्था में कुछ स्थानीय नागरिकों को पुलिस के संपर्क में रखा जाएगा। इन नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकें।
पुलिस को उम्मीद है कि स्थानीय लोगों से मिलने वाली ऐसी जानकारी अपराध की घटनाओं को रोकने और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मददगार साबित होगी।



