नई दिल्ली: भारत से करीब 4,800 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजे जाने की खबर के बाद अब इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को वापस भेजा गया, लेकिन सीमा पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों को वापस भेजे जाने की बात कही जा रही है, उन्हें रखने के लिए बनाए गए होल्डिंग सेंटर भी अब खाली नजर आ रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन लोगों को सीमा पार कैसे भेजा गया और वे फिलहाल कहां हैं?
बॉर्डर पर नहीं दिखी बड़ी हलचल
इतनी बड़ी संख्या में लोगों को वापस भेजे जाने के दावे के बावजूद सीमा क्षेत्र में किसी बड़ी आवाजाही की जानकारी सामने नहीं आई है। बॉर्डर पर भी सामान्य स्थिति नजर आने की बात कही जा रही है।
इस वजह से पूरी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर यह जानना जरूरी हो गया है कि 4,800 लोगों की वापसी का रिकॉर्ड किस तरह दर्ज किया गया और उन्हें किस रास्ते से वापस भेजा गया।
होल्डिंग सेंटर भी खाली
मामले में एक और सवाल होल्डिंग सेंटर को लेकर है। जिन केंद्रों में ऐसे लोगों को अस्थायी तौर पर रखा जाता था, वहां भी अब बड़ी संख्या में लोग मौजूद नहीं हैं।
ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि अगर हजारों लोगों को वापस भेजा गया, तो उनकी सीमा पार आवाजाही का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या है और संबंधित एजेंसियों के पास इसकी क्या जानकारी है।
बांग्लादेश ने बताया सिर्फ 73 लोगों का आंकड़ा
मामले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि बांग्लादेश की ओर से अलग आंकड़ा सामने आने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने बताया कि उसके यहां केवल 73 लोग ही पहुंचे।
भारत में बताए जा रहे आंकड़े और बांग्लादेश की ओर से सामने आए आंकड़े में बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसी वजह से इस पूरी प्रक्रिया और आंकड़ों की पुष्टि को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब रिकॉर्ड और प्रक्रिया पर नजर
मामले में सबसे अहम बात यह है कि भारत से वापस भेजे गए लोगों की संख्या, उनकी पहचान और सीमा पार भेजने की प्रक्रिया का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है।
जब तक संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आती, तब तक अलग-अलग आंकड़ों को लेकर बनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकती।



