झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात मंत्रियों के साथ करीब 4 घंटे चली बैठक के बाद इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि SIT और CID की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी।
JPSC सिविल सेवा परीक्षा की भी होगी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी मांग JPSC सिविल सेवा परीक्षा को लेकर है। इसकी पूरी जांच एक रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाएगी।
छात्र नेताओं ने कहा- मास्टरमाइंड पकड़े जाएं
JSSC-CGL रद्द होने के फैसले का आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्वागत किया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जांच बारीकी से होनी चाहिए और भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों के साथ-साथ गिरोह के मास्टरमाइंड को भी पकड़ा जाना चाहिए। वहीं, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि CBI जांच की मांग अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।
बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच की मांग उठाई
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने परीक्षा रद्द होने को छात्रों की बड़ी जीत बताया, लेकिन कहा कि सरकार ने CBI जांच का आदेश नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर निर्णायक कार्रवाई के लिए CBI जांच जरूरी है।
24 दिन से आंदोलन कर रहे छात्र
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द करने तथा CBI जांच की मांग को लेकर छात्र करीब 24 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द करना पहला कदम है, लेकिन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई के बाद ही आंदोलन की वास्तविक जीत होगी।

2014 से सभी परीक्षाओं की होगी जांच
सरकार के मुताबिक, 2014 से अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई कंपनियों का जटिल और आपस में जुड़ा नेटवर्क सामने आया है, इसलिए जांच पूरी होने तक सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना संभव नहीं है।



