बिलासपुर: फर्जी सर्पदंश घोटाले के आरोपी और सिम्स के फॉरेंसिक विभाग के तत्कालीन डॉक्टर डॉ. एसएन गोले के फरार होने से अब पुराने पोस्टमार्टम मामलों पर भी असर पड़ रहा है। डॉ. गोले द्वारा किए गए तीन दर्जन से ज्यादा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अब तक लंबित हैं। रिपोर्ट लेने के लिए मृतकों के परिजन सिम्स की पुलिस चौकी और फॉरेंसिक विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
इन लंबित रिपोर्टों में जांजगीर, मुंगेली और आसपास के जिलों के मामलों से जुड़े दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं।
डॉ. गोले के फरार होने से कानूनी अड़चन
बताया जा रहा है कि डॉ. गोले पिछले करीब दो महीने से सिम्स नहीं आ रहे हैं। उनकी गैरमौजूदगी में दूसरे डॉक्टर विभाग का काम संभाल रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए पुराने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट जारी करने में परेशानी सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर डॉ. गोले के हस्ताक्षर जरूरी हैं। ऐसे में उनके फरार होने से पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सर्पदंश घोटाले में आरोपी हैं डॉ. गोले
डॉ. एसएन गोले पर सर्पदंश से मौत के फर्जी दस्तावेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के मामले में शामिल होने का आरोप है। इस मामले में अब तक दो दर्जन से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस डॉ. गोले की तलाश कर रही है। उनके पकड़े जाने के बाद पुराने लंबित पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने से परिवार परेशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक के परिजनों के लिए भी कई मामलों में जरूरी दस्तावेज होती है। रिपोर्ट नहीं मिलने से एलआईसी क्लेम, दुर्घटना बीमा और अन्य कानूनी दावों की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई है।
वहीं, पुलिस मामलों में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इससे जांच और आरोपियों से संबंधित कानूनी कार्रवाई में देरी हो सकती है।
डीन बोले- दूसरे डॉक्टर को जिम्मेदारी दी गई
सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति के मुताबिक, डॉ. गोले कई सप्ताह से सिम्स नहीं आ रहे हैं। उनकी जगह दूसरे डॉक्टर को विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, जिन शवों का पोस्टमार्टम डॉ. गोले ने किया था, उनकी रिपोर्ट को लेकर स्थिति अलग है।
पुलिस तलाश में जुटी
एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि फरार डॉक्टर की तलाश की जा रही है। उनके पकड़े जाने के बाद पुराने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही, लंबित रिपोर्टों के कारण किसी जांच या कानूनी कार्रवाई पर असर न पड़े, इसके लिए वैधानिक रास्ता तलाशा जा रहा है। मामले में कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


