पेट्रोल-डीजल (Petrol- Diesel) की कीमतों और तेल कंपनियों से जुड़ी खबरों के बीच केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने Petrol, Diesel और Aviation Turbine Fuel (ATF) के Export पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। नए बदलाव के बाद पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी अब पूरी तरह खत्म हो गई है। वहीं डीजल और ATF पर भी शुल्क कम किया गया है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम पर लगातार नजर बनी हुई है।
Petrol Export पर अब कोई Duty नहीं
नई दरों के मुताबिक पेट्रोल के Export पर लगने वाली ₹3.5 प्रति लीटर की ड्यूटी को घटाकर Zero कर दिया गया है। यानी भारतीय कंपनियां अब पेट्रोल का निर्यात करते समय इस अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करेंगी।
तेल क्षेत्र से जुड़े कारोबार के लिए इसे अहम राहत माना जा रहा है। खासकर उन कंपनियों के लिए इसका महत्व बढ़ जाता है, जिनकी रिफाइनरी क्षमता घरेलू जरूरतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर भी निर्भर करती है।
Diesel Export Duty भी हुई कम
सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में भी कटौती की है। डीजल पर Export Duty अब ₹24 प्रति लीटर होगी। इससे पहले यह दर ₹25.5 प्रति लीटर थी।
यानी डीजल के निर्यात पर कंपनियों को ₹1.5 प्रति लीटर की राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रिफाइनरी उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति के लिहाज से यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ATF पर भी घटा Export Tax
हवाई ईंधन यानी Aviation Turbine Fuel (ATF) के निर्यात पर भी शुल्क कम किया गया है। इसकी दर ₹22 प्रति लीटर से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर कर दी गई है।
ATF पर शुल्क में कमी से एविएशन फ्यूल के निर्यात कारोबार को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि इसका सीधा असर घरेलू विमान किराए या घरेलू ATF की कीमत पर पड़ेगा, ऐसा अभी कहना सही नहीं होगा।
क्या Petrol-Diesel के दाम भी होंगे कम?
सरकार के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलेगी?
यह समझना जरूरी है कि Export Duty में कटौती सीधे घरेलू पेट्रोल-डीजल की Retail Price कम होने की गारंटी नहीं देती। मौजूदा बदलाव मुख्य रूप से विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू शुल्क से जुड़ा है।
इसलिए पेट्रोल पंप पर कीमत घटने की उम्मीद को इस फैसले से सीधे जोड़ना जल्दबाजी होगी।
Windfall Tax क्यों लगाया गया था?
Windfall Tax का इस्तेमाल सरकार ऐसे समय करती है, जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से तेल कंपनियों को सामान्य से काफी ज्यादा मुनाफा होने की संभावना बनती है। इसका उद्देश्य उस अतिरिक्त लाभ पर सरकार का हिस्सा सुनिश्चित करना होता है।
भारत में पेट्रोलियम उत्पादों पर Export Levy में समय-समय पर बदलाव किए जाते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनरी मार्जिन और वैश्विक बाजार की स्थिति जैसे कई कारक इन दरों को प्रभावित करते हैं।
सरकार की नजर International Oil Market पर
पेट्रोलियम उत्पादों पर Export Duty में यह बदलाव बताता है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय Oil Market की परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत के मुताबिक शुल्क बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
पेट्रोल पर Export Duty का पूरी तरह हटना, जबकि डीजल और ATF पर शुल्क कम होना, तेल कंपनियों के लिए फिलहाल सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सरकार के अगले फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।
आम लोगों के लिए क्या मायने?
सीधी बात यह है कि पेट्रोल Export पर Duty Zero हो गई है, Diesel पर ₹24 और ATF पर ₹19.5 प्रति लीटर शुल्क लागू होगा। यह फैसला मुख्य रूप से Export Market से जुड़ा है। घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इसका असर अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
ऐसे में अगर आप पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत बड़ी कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिलहाल इंतजार करना बेहतर होगा। सरकार के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें ही आगे की तस्वीर साफ करेंगी।
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