संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पीड़ित छात्र को अपने साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस मामले ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है। राहुल गांधी का कहना है कि जिन छात्रों को चोटें आई हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए और घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
पीड़ित छात्र के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी जब संसद मार्ग थाने पहुंचे तो उनके साथ वह छात्र भी था, जिसके घायल होने का दावा किया जा रहा है। राहुल गांधी ने छात्र की स्थिति का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसकी पूरी जांच जरूरी है। पार्टी ने इस मुद्दे को संसद के भीतर भी उठाया है।
Pellet Gun के इस्तेमाल पर आमने-सामने दावे
पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर है। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की ओर से पुलिस पर पैलेट गन चलाने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की गई थी। यही वजह है कि अब दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई जानने के लिए जांच अहम हो गई है।
Supreme Court ने भी लिया मामले का संज्ञान
मामला अदालत तक पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी बनाने का फैसला किया है।
जांच में घटनास्थल से जुड़े वीडियो, CCTV फुटेज और दूसरे उपलब्ध सबूतों को देखा जा सकता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्रदर्शन के दौरान हालात कैसे बिगड़े और पुलिस ने किस परिस्थिति में कार्रवाई की।
संसद में भी उठा मुद्दा
पैलेट गन विवाद को लेकर संसद में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी ने सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर चिंता जताई।
विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, सरकार और पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी का हवाला दिया गया है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि संसद मार्च के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। एक तरफ राहुल गांधी घायल छात्र को साथ लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है।
ऐसे में आगे होने वाली जांच काफी महत्वपूर्ण होगी। CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर अगर पूरी तस्वीर सामने आती है, तो इससे विवाद को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है।
Rahul Gandhi Pellet Gun Case अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा है। पीड़ित छात्र की शिकायत, पुलिस का पक्ष और जांच के निष्कर्ष—तीनों पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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