दुनिया के नए नक्शे को लेकर भारत ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारतीय नक्शे के मुताबिक ही दिखाया जाना चाहिए। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सीमाएं अटल हैं और उनसे किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारत की ओर से यह आपत्ति ऐसे समय सामने आई है, जब नए World Map को लेकर अलग-अलग देशों में चर्चा हो रही है। भारत ने अपने क्षेत्र और सीमाओं को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि नक्शे में देश की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को सही दिखाने की मांग
भारत ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और किसी भी आधिकारिक नक्शे में इन्हें भारत के अनुसार ही दर्शाया जाना चाहिए।
भारत का कहना है कि नक्शे केवल भौगोलिक जानकारी का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनमें किसी देश की क्षेत्रीय स्थिति भी स्पष्ट होती है। इसलिए भारत अपनी सीमाओं को लेकर किसी गलत प्रस्तुति को स्वीकार नहीं करेगा।
सीमाओं पर भारत का रुख स्पष्ट
भारत ने कहा है कि उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ी सीमाएं अटल हैं। इन सीमाओं को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
सरकार की ओर से यह संदेश भी साफ है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी होने वाले नक्शों में भारत की सीमाओं और उसके क्षेत्रों को सही तरीके से दर्शाया जाना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
World Map में किसी देश की सीमा या क्षेत्र को गलत तरीके से दिखाए जाने पर कूटनीतिक विवाद खड़ा हो सकता है। भारत पहले भी अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सीमाओं और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर आपत्ति दर्ज कराता रहा है।
फिलहाल नए नक्शे को लेकर भारत की आपत्ति के बाद इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो सकती है। भारत ने अपनी सीमाओं को लेकर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।


