उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में ढहाई गई मस्जिद के नीचे एक कुआं मिलने से मामला फिर चर्चा में आ गया है। कुआं कितना पुराना है और इसका इतिहास क्या है, इसकी जानकारी जुटाने के लिए ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की मदद ली जा रही है।
मस्जिद को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच कुएं के मिलने के बाद प्रशासन ने इसकी स्थिति और पुरातात्विक महत्व की जांच कराने का फैसला किया है।
कुएं की उम्र का पता लगाएगी ASI
कुएं के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कितना पुराना है। इसी को लेकर ASI से जांच कराने की तैयारी है। विशेषज्ञ कुएं की बनावट और अन्य पहलुओं का अध्ययन कर इसकी संभावित उम्र और ऐतिहासिक महत्व का आकलन कर सकते हैं।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुआं कब बनाया गया था और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होता था।
मामले पर सियासत भी तेज
कुएं के मिलने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव वहां फातिहा पढ़ने जाएंगे?
राजभर के इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। वहीं, विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल कुएं की उम्र और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में ASI की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कुएं की वास्तविक उम्र और महत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर से जुड़े इस मामले में अब प्रशासनिक जांच के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है।



