मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छात्रों से जुड़े एक मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पटवारी ने कहा कि अगर छात्रों के लिए ₹10 लाख की जगह ₹10 करोड़ भी देने की जरूरत होती, तो कांग्रेस पीछे नहीं हटती। उनके मुताबिक असली मुद्दा पैसा नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके भविष्य से जुड़े सवाल हैं।
पटवारी ने कहा कि आज शिक्षा और रोजगार के बीच की कड़ी कमजोर होती जा रही है। युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर अवसर मिलें, इसके लिए सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
‘मुद्दा पैसा नहीं, छात्रों की आवाज है’
पटवारी ने कहा कि छात्रों की मांग को सिर्फ पैसों के नजरिए से देखना सही नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर किसी छात्र हित के काम के लिए बड़ी रकम की जरूरत होती, तो वह भी उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती।
उनका कहना है कि छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनकी आवाज को मंच देना ज्यादा महत्वपूर्ण है। युवा देश और प्रदेश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
शिक्षा और रोजगार की कड़ी पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि Education और Employment एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। अगर युवाओं को अच्छी शिक्षा मिलने के बाद रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते, तो पूरी व्यवस्था का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है।
उन्होंने युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा, Skill Development और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
युवाओं को लेकर कांग्रेस का फोकस
मध्य प्रदेश में कांग्रेस लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि युवाओं की समस्याओं पर केवल घोषणाओं के बजाय जमीन पर ठोस काम दिखाई देना चाहिए।
पटवारी का यह बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है।
‘छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए’
पटवारी ने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि युवा केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार का भरोसा चाहते हैं।
अब इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में Student Issues, Education और Employment को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।



