अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक और कूटनीतिक तनाव के बीच कनाडा यूरोपीय संघ (EU) के साथ अपने संबंध मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने की दिशा में काम करने का प्रस्ताव रखा।
यह प्रस्ताव कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मौजूदगी में यूरोपीय संसद में दिया गया। हालांकि, एसोसिएट सदस्यता का दर्जा अभी यूरोपीय संघ के मौजूदा नियमों में मौजूद नहीं है। इसके लिए नए नियमों और सदस्य देशों की सहमति की जरूरत होगी।
कनाडा को क्या फायदा हो सकता है?
एसोसिएट मेंबर बनने की स्थिति में कनाडा यूरोपीय संघ के 27 पूर्ण सदस्य देशों का हिस्सा नहीं होगा। उसे EU के फैसलों पर मतदान का अधिकार भी मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रस्तावित साझेदारी के तहत रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), तकनीक, ऊर्जा, जरूरी खनिज, साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना है। इसमें उन्नत विनिर्माण, बैटरी और आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट भी शामिल हो सकते हैं।
वॉन डेर लेयेन ने इस व्यापक साझेदारी को ‘एलायंस फॉर द फ्यूचर’ यानी भविष्य के लिए गठबंधन से जोड़कर पेश किया।
मार्क कार्नी ने पहले भी जताई थी विशेष गठबंधन की इच्छा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इससे पहले यूरोपीय संघ के साथ एक ‘विशेष गठबंधन’ बनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि कनाडा पूर्ण रूप से EU का सदस्य बनने की मांग नहीं कर रहा, बल्कि आर्थिक और सुरक्षा सहयोग का एक अलग मॉडल चाहता है।
कनाडा अमेरिका पर अपनी व्यापारिक निर्भरता कम करने और यूरोप के साथ संबंधों को व्यापक बनाने की कोशिश कर रहा है। दोनों पक्ष अक्टूबर में होने वाले कनाडा-EU शिखर सम्मेलन में सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर आगे चर्चा कर सकते हैं।
यूरोप के लिए नई सिक्योरिटी काउंसिल का प्रस्ताव
वॉन डेर लेयेन ने यूरोप की सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक नई यूरोपीय सिक्योरिटी काउंसिल बनाने का विचार भी रखा है। इसमें यूरोपीय संघ से बाहर के साझेदार देशों को शामिल किया जा सकता है।
प्रस्तावित व्यवस्था में ब्रिटेन, कनाडा, नॉर्वे और यूक्रेन जैसे देशों की भागीदारी पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ड्रोन हमलों, साइबर हमलों, तोड़फोड़ और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना है।
EU और कनाडा के बीच पहले से है CETA समझौता
यूरोपीय संघ और कनाडा के बीच पहले से ही CETA नाम का व्यापार समझौता लागू है। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों के बीच अधिकांश वस्तुओं पर आयात शुल्क कम या समाप्त किया गया है।
अब दोनों पक्ष मौजूदा व्यापार संबंधों को रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं तक विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, CETA को लेकर यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों की घरेलू मंजूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार तनाव जारी
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार संबंधों को लेकर पिछले कई महीनों से तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और कनाडा से जुड़े बयानों के बाद दोनों देशों के संबंधों में खिंचाव बढ़ा है।
टैरिफ विवाद के बीच कनाडा यूरोप सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ व्यापार और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है। वहीं, यूरोपीय संघ भी वैश्विक अस्थिरता और व्यापारिक चुनौतियों के बीच नए रणनीतिक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करना चाहता है।
एसोसिएट सदस्यता पर अभी अंतिम फैसला नहीं
कनाडा को यूरोपीय संघ का एसोसिएट मेंबर बनाने का प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है। EU के नियमों में इस तरह की सदस्यता का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसलिए आगे की प्रक्रिया में कानूनी, राजनीतिक और सदस्य देशों की सहमति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रस्ताव के अंतिम स्वरूप, अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।



