मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि अगर CEC ने इस्तीफा नहीं दिया तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की डेडलाइन दी थी।
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिका में SIR से जुड़े फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की SIT जांच की मांग भी की गई है।
कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग में मनमानी हो रही
कांग्रेस का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमाने तरीके से फैसले ले रहे हैं और दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
पार्टी का यह आरोप इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों आयुक्तों ने कुछ बदलावों को “अनधिकृत” और “अवैध” बताते हुए सवाल उठाए थे।
हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा था कि आयोग में लिए गए फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।



